सीएम शुभेंदु ने इस्कॉन की भव्य रथयात्रा का किया शुभारंभ

कोलकाता के अल्बर्ट रोड स्थित इस्कॉन मंदिर में गुरुवार को ऐतिहासिक 55वें वार्षिक रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत बेहद भव्य तरीके से हुई।

बंगाल में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस पावन उत्सव का औपचारिक उद्घाटन करने के लिए विशेष रूप से उपस्थित हुए।

बारिश और भक्तिमय माहौल के बीच पीले कुर्ते और सफेद धोती में पहुंचे मुख्यमंत्री ने न केवल राधामधाव के विग्रह की महाआरती की, बल्कि पारंपरिक ‘छेडा पहनरा’ (सोने की झाड़ू से रथ के मार्ग की सफाई) की रस्म अदा कर भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर कोलकाता में इस्कान की वार्षिक रथयात्रा का शुभारंभ किया।

राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह पहला अवसर है, जब शुभेंदु ने इसका शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने साष्टांग प्रणाम कर राज्य की खुशहाली की कामना की और भक्तिभाव में डूबकर गौड़ीय संगीत की दो पंक्तियां भी गाईं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इस्कान के संस्थापक श्रील प्रभुपाद के कक्ष को ‘हेरिटेज’ घोषित करने के लिए केंद्र सरकार से आवेदन करने की भी घोषणा की।

धार्मिक मंच से प्रशासनिक सुधार और शुचिता का संकल्प
इस पावन और धार्मिक मंच से मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘मिड-डे मील योजना’ में किए गए बदलाव के बाद जारी विवाद पर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। स्कूलों में बच्चों को भोजन वितरण की जिम्मेदारी इस्कान को सौंपने के फैसले का पुरजोर समर्थन करते हुए उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोला।

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि बीते वर्षों में बंगाल में मिड-डे मील को लेकर जो कुछ भी हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण था। मासूम बच्चों के भोजन में हेराफेरी करना महापाप है। हमारी सरकार में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं होगी।

मिड डे मील से अंडा हटाने पर छिड़े विवाद का दिया सीधा जवाब
सरकारी स्कूलों में एक अगस्त से लागू होने जा रही मिड डे मील की नई व्यवस्था और इस्कान के पूर्णतः शाकाहारी नियमों के कारण भोजन सूची से अंडा हटाए जाने पर विशेषज्ञों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का मुख्यमंत्री ने बेबाकी से जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि मिड-डे मील का लक्ष्य केवल पेट भरना नहीं, बल्कि पोषण सुनिश्चित करना है। सरकारी स्कूलों में आने वाले बच्चे ज्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं, इसलिए उन तक स्वच्छ, पवित्र और पुष्टिकर भोजन पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।

देश के 22 बड़े महानगरों में इस्कान वर्षों से इस जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभा रहा है और उनके इसी अनुभव का लाभ अब बंगाल के बच्चों को मिलेगा।

बंगाल के नव-निर्माण में आध्यात्मिक संस्थाओं का सहयोग
शुभेंदु ने इस दौरान एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आगामी दिनों में मायापुर को ‘नोटीफाइड एरिया अथारिटी’ बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल के नव-निर्माण और सामाजिक कल्याण की राह में सरकार इस्कान, रामकृष्ण मठ और मिशन, तथा भारत सेवाश्रम संघ जैसी प्रतिष्ठित आध्यात्मिक और सामाजिक संस्थाओं को साथ लेकर चलेगी।

संस्कृति को बढ़ावा : 60 रथयात्रा समितियों को तीन करोड़ का अनुदान
संस्कृति को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष पहली बार बंगाल की कुल 60 पारंपरिक रथयात्रा समितियों को 5-5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता (कुल तीन करोड़ रुपये) दी गई है।

कोलकाता के बाद मुख्यमंत्री अपने गृह जिले पूर्व मेदिनीपुर के तमलूक और मेचेदा में आयोजित रथयात्रा कार्यक्रमों में भी शामिल हुए।

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