मानसून का रौद्र रूप: मुंबई-गुजरात में जमकर बरस रहे बादल

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम को लेकर विभाग की ओर से अलर्ट जारी किए गए हैं। समुद्र किनारे वाले राज्य ओडिशा और बंगाल को लेकर मौसम विभाग ने भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

जम्मू के कई हिस्सों में बारिश जारी है। बादलों के छाए रहने से कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा लगातार प्रभावित रही है। प्रदेश में पांच और छह जुलाई को बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मुंबई, गुजरात और केरलम जैसे राज्यों में भारी और ‘रिकॉर्डतोड़’ बारिश

एक तरफ जहां मायानगरी मुंबई, गुजरात और केरलम जैसे राज्य भारी और ‘रिकॉर्डतोड़’ बारिश से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बरखा रानी की बेरुखी ने किसानों और आम जनमानस को निराश किया है।

उधर, शनिवार को हिमाचल में सुबह हल्का हिमपात और कई स्थानों पर वर्षा हुई। जिले में 25 सड़कें बंद है, जिन्हें बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने रविवार को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में शनिवार को जोरदार वर्षा हुई। पिथौरागढ़ के धारचूला में 82 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जिले में चीन सीमा को जोड़ने वाले टनकपुर-तवाघाट-लिपुलेख राजमार्ग पांच स्थानों पर मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है। आदि कैलास यात्रा स्थगित चल रही है। मौसम विभाग ने रविवार को नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

शिवभक्तों ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

शनिवार को बालटाल और पहलगाम से 20,145 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। दो दिनों में अब तक 32,313 श्रद्धालु बाबा के दरबार में नतमस्तक हो चुके हैं। इस बीच आधार शिविर जम्मू से तड़के 259 वाहनों में 4812 श्रद्धालुओं का जत्था यात्रा के लिए रवाना हुआ।

देश के बड़े हिस्से में मानसून की चाल सुस्त है

मौसम विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार, देश के बड़े हिस्से में मानसून की चाल सुस्त है, जिससे खेती-किसानी पर संकट मंडराने लगा है।

सूखे की कगार पर उत्तर और मध्य भारत एक जून से चार जुलाई के बीच के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में सामान्य तौर पर 118 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन यह 43 प्रतिशत कम यानी महज 67 मिमी ही दर्ज की गई है।

कमोबेश यही स्थिति बिहार की भी है, जहां सामान्य वर्षा 207 मिमी की जगह अब तक सिर्फ 97.8 मिमी हुई है, जो सामान्य से 53 प्रतिशत कम है। पंजाब और हरियाणा में भी क्रमशः 27 और 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में भी सामान्य से 40 प्रतिशत कम (136.4 मिमी) पानी गिरा है। यह बेरुखी खेतों में दरारें ला रही है और धान की रोपाई के लिए पानी का इंतजार लंबा होता जा रहा है।

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