देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा का कमल खिल चुका है। भाजपा ने टीएमसी को पटखनी देते हुए 206 सीटें हासिल की हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ सीआर पार्क स्थित मां काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।
मां काली के चरणों में शीश नवाने के बाद मुख्यमंत्री ने इस जीत को भारतीय राजनीति का एक निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक भगवा शान से लहरा रहा है। यह जीत इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश की जनता का विश्वास विकास और राष्ट्रवाद की राजनीति में ही है।
मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने संसद में इस बिल का विरोध किया था, बंगाल की माताओं-बहनों ने उन्हें अपने वोट की चोट से मुंहतोड़ जवाब दिया है। बंगाल की महिलाओं ने भय, आतंक और तुष्टिकरण की राजनीति को नकारकर यह सिद्ध कर दिया है कि नारी शक्ति अब अपने सम्मान और अधिकारों के लिए किसी भी दमनकारी शक्ति से टकराने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि बंगाल में यह जीत पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण की नीति की जीत है। भय, आतंक और अत्याचार के वातावरण के बावजूद बंगाल की महिलाओं ने निर्भीक होकर मतदान किया और लोकतंत्र को सशक्त बनाते हुए सुशासन की सरकार स्थापित की। आज की यह जीत उन अनगिनत कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम है, जिन्होंने बंगाल की मिट्टी को अपने पसीने और रक्त से सींचा है। यह जीत लोकतंत्र के प्रति अटूट विश्वास की जीत है। भय के वातावरण के बावजूद बंगाल की जनता ने लोकतंत्र को सशक्त बनाते हुए सुशासन की सरकार चुनने का जो साहस दिखाया है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल की जनता को बहुत अभिनंदन, मैं मानता हूं कि पश्चिम बंगाल की संस्कृति और विरासत को प्रधानमंत्री मोदी अपने नेतृत्व में आगे ले जा सकते हैं। मैं कामना करता हूं कि सभी राज्यों में शांति और समृद्धि रहे।’
इस अवसर पर भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, नई दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद बांसुरी स्वराज और ग्रेटर कैलाश से विधायक शिखा राय भी उपस्थित थीं।
बता दें कि बंगाल में 2011 के विधानसभा चुनाव में शून्य पर सिमटने वाली भाजपा ने अनथक संघर्ष के जरिये तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया। तृणमूल महज 80 सीटों पर सिमट गई, जो पिछले चुनाव में भाजपा की 77 सीटों से सिर्फ तीन अधिक है। भाजपा की ओर से सीएम पद के सबसे सशक्त उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के साथ भवानीपुर सीट पर कांटे के मुकाबले में ममता खुद हार गईं। उनके 20 मंत्री भी हार गए। शुभेंदु भवानीपुर के साथ नंदीग्राम से भी चुनाव जीत गए हैं।
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