शेयर बाजार में तेजी के बीच टॉप 10 कंपनियों की मार्केट कैप 2.20 लाख करोड़ बढ़ी

देश की टॉप 10 कंपनियों में से चार का मार्केटकैप बीते हफ्ते 2.20 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। इसकी वजह भारतीय शेयर बाजार में तेजी को माना जा रहा है। 27 से 30 अप्रैल के कारोबारी सत्र (1 मई को महाराष्ट्र दिवस के चलते शेयर बाजार बंद था) में भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स 249.29 अंक या 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,913.50 और निफ्टी 99.60 अंक या 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,997.55 पर बंद हुआ था।
इस दौरान भारती एयरटेल का मार्केटकैप 43,503.51 करोड़ रुपए बढ़कर 11,49,222.13 करोड़ रुपए हो गया था।

TCS और बजाज फाइनेंस को कितना फायदा?

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केट कैप 27,569.83 करोड़ रुपए बढ़कर 8,94,933.95 करोड़ रुपए और बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण 9,432.32 करोड़ रुपए बढ़कर 5,83,123.13 करोड़ रुपए हो गया है।
दूसरी तरफ, आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 45,364.62 करोड़ रुपए कम होकर 9,04,980.78 करोड़ रुपए हो गया है। एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 30,922.57 करोड़ रुपए घटकर 9,85,829.96 करोड़ रुपए, एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 20,951.31 करोड़ रुपए घटकर 11,87,274.17 करोड़ रुपए हो गया है।

HUL की मार्केट कैप घटी

हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केटकैप 18,420.79 करोड़ रुपए कम होकर 5,28,799.01 करोड़ रुपए हो गया है।
लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) का मार्केटकैप 8,222.49 करोड़ रुपए कम होकर 5,04,798.07 करोड़ रुपए हो गया है। एलएंडटी का मार्केटकैप 178.83 करोड़ रुपए घटकर 5,51,993.05 करोड़ रुपए हो गया है।

नंबर 1 पर कौन?

मिश्रित रुझान के बावजूद, रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में अग्रणी बनी रही, जिसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।

इसके अतिरिक्त, निफ्टी के साप्ताहिक आउटलुक पर टिप्पणी करते हुए, विशेषज्ञों ने कहा कि रुकावट का स्तर 24,300-24,400 के आसपास बना हुआ है, जो एक मजबूत आपूर्ति क्षेत्र बना हुआ है।

दूसरी तरफ, 23,800 एक सपोर्ट लेवल है। अगर यह टूटता है तो 23,600-23,400 तक के स्तर देखने को मिल सकते हैं।

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