जैसलमेर के मुख्य डाकघर परिसर में संचालित पासपोर्ट सेवा केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। ISI के नाम से आए ई-मेल में पांच गैस बम ब्लास्ट की चेतावनी दी गई। सूचना पर पुलिस ने परिसर खाली करवाकर तलाशी शुरू कर दी।
सीमावर्ती जिले जैसलमेर में मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब शहर के मुख्य डाकघर परिसर में संचालित पासपोर्ट सेवा केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने की सूचना सामने आई। धमकी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आ गया। सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे परिसर को खाली करवाकर सील कर दिया गया और वहां मौजूद सभी कर्मचारियों व पासपोर्ट के लिए आए आवेदकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
ई-मेल में दोपहर 1 बजे ब्लास्ट की धमकी
जानकारी के अनुसार, जैसलमेर शहर के मुख्य डाकघर (मेन पोस्ट ऑफिस) परिसर में स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर एक धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। इस मेल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के नाम का जिक्र करते हुए दावा किया गया कि कार्यालय परिसर में पांच गैस बम लगाए गए हैं, जो दोपहर करीब 1 बजे विस्फोट कर सकते हैं।
ई-मेल पढ़ते ही कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। मामले की सूचना तुरंत जिला प्रशासन और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को खाली करवाने की कार्रवाई शुरू की गई।
सुरक्षा के तहत पूरा डाकघर परिसर खाली
सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर केवल पासपोर्ट सेवा केंद्र ही नहीं, बल्कि पूरे मुख्य डाकघर परिसर को खाली करवाया। डाकघर के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगाकर पुलिस ने सुरक्षा घेरा बना लिया। आसपास के क्षेत्र में आम लोगों की आवाजाही भी अस्थायी रूप से रोक दी गई, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर की बारीकी से जांच की जा रही है। तलाशी अभियान के दौरान मेटल डिटेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से भवन के हर हिस्से को खंगाला जा रहा है।
सीमावर्ती जिला होने से बढ़ी सतर्कता
जैसलमेर का पाकिस्तान सीमा से सटा होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में धमकी भरे ई-मेल में ISI का नाम सामने आने के बाद प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया। सूत्रों के अनुसार सेना की खुफिया एजेंसियां और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर रही हैं।
‘साइबर टेरर’ के एंगल से भी जांच
इस मामले को केवल धमकी तक सीमित मानकर नहीं छोड़ा जा रहा है। पुलिस और साइबर सेल की टीम अब उस आईपी एड्रेस और सर्वर लोकेशन को ट्रेस करने में जुट गई है, जिससे यह ई-मेल भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में यह दहशत फैलाने की शरारती कोशिश भी हो सकती है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे साइबर टेरर के संभावित मामले के रूप में भी जांच रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम ई-मेल के डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण कर रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मेल किस स्थान और किस डिवाइस से भेजा गया था।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम पूरे डाकघर परिसर और पासपोर्ट सेवा केंद्र के भवन की गहन तलाशी ले रही है। किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री की तलाश में हर कमरे, गलियारे और आसपास के क्षेत्र की जांच की जा रही है। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें। जांच पूरी होने के बाद ही परिसर को दोबारा आमजन के लिए खोला जाएगा।
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