बच्चे रोजाना कर रहे हैं GenAI का इस्तेमाल, समझ की कमी और गलत जानकारी बढ़ा रही चिंता

देश में GenAI बच्चों की शिक्षा का हिस्सा बन रहा है, लेकिन Bharat Survey for EdTech 2025 के अनुसार, 75% बच्चे इसे केवल इंटरनेट सर्च इंजन मानते हैं। 10 राज्यों के 12,500 परिवारों पर हुए सर्वे में 46% उत्तरदाताओं ने गलत जानकारी को बड़ा जोखिम बताया है।

इन दिनों देश में जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी GenAI तेजी से बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बन रहा है, लेकिन इस टेक्नोलॉजी को लेकर बड़ी गलतफहमी भी सामने आई है। जी हां, बुधवार को जारी Bharat Survey for EdTech 2025 के मुताबिक, एडटेक का इस्तेमाल करने वाले 35% बच्चे अब GenAI टूल्स से पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि, GenAI के बारे में जागरूक बच्चों में से करीब तीन-चौथाई इसे सिर्फ इंटरनेट सर्च इंजन समझ रहे हैं।

10 राज्यों के 12,500 परिवारों पर हुआ ये सर्वे
दरअसल ये सर्वे जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच 10 राज्यों के 12,500 घरों और 2,500 शिक्षकों के बीच कराया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि कम आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए GenAI अब एक्सपेरिमेंटल तकनीक नहीं रह गई है। इसमें से 96% बच्चे इसे हफ्ते में कई बार इस्तेमाल करते हैं और 69% रोजाना GenAI टूल्स का यूज करते हैं।

यूज ज्यादा, समझ कम
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 85% GenAI-जानकार बच्चों ने दावा किया कि वो समझते हैं कि ये कैसे काम करता है, लेकिन 72% बच्चों ने इसे रेगुलर सर्च एप्लिकेशन के बराबर बता दिया। इससे AI द्वारा जनरेट किए गए संभावित जवाब और इंटरनेट पर उपलब्ध सही जानकारी के बीच फर्क धुंधला हो रहा है।

गलत जानकारी का भी खतरा
इतना ही नहीं करीब 46% जवाब देने वालों ने गलत जानकारी को एडटेक और GenAI के इस्तेमाल से जुड़ा बड़ा जोखिम बताया है। इसके अलावा, जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई है।

पढ़ाई से जुड़े कामों में इस्तेमाल
सर्वे के मुताबिक, बच्चे GenAI का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्कूल से जुड़े कामों के लिए कर रहे हैं जिसमें 73% डाउट सॉल्विंग और प्रैक्टिस के लिए और 48% नई स्किल्स सीखने या भाषा अनुवाद के लिए जबकि 32% इसका यूज टेस्ट की तैयारी के लिए कर रहे हैं।

बच्चों को GenAI इसलिए अच्छा लगता है क्योंकि 45% को आसान भाषा में समझाना काफी पसंद है और 41% को तुरंत जवाब मिलना समय बचाने वाला काम लगता है जो इसे खास बना देता है जबकि 40% को इसका इंटरैक्टिव फॉर्मेट अच्छा लगता है।

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