महिला थाना में दर्ज दुष्कर्म के 15 मामलों में दस अब भी लंबित हैं। पुलिस ने पांच आरोपियों के घर कुर्की का इश्तेहार चिपकाया है, आत्म-समर्पण नहीं करने की स्थिति में कुर्की की जाएगी।
दरभंगा में दुष्कर्म के मामलों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता गहराती जा रही है। हाल ही में विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सुंदरपुर इलाके में दुष्कर्म के बाद एक बच्ची की हत्या का मामला सामने आया। इसके अलावा बहादुरपुर थाना में एक शिक्षक पर छात्रा से दुष्कर्म का मामला (कांड संख्या 25/2026) दर्ज किया गया। दोनों मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वर्ष 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो महिला थाना में दुष्कर्म के कुल 15 मामले दर्ज हुए थे। इनमें से पांच मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 10 मामले अब भी लंबित हैं। लंबित मामलों में से पांच केस फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट नहीं आ पाने के कारण अटके हुए हैं।
महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी ने बताया कि सभी लंबित मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों के घरों पर इश्तेहार चिपकाए गए हैं और आत्मसमर्पण नहीं करने की स्थिति में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पांच मामलों में कुर्की की प्रक्रिया चल रही है। दुष्कर्म के मामलों में देरी से हो रही कार्रवाई को लेकर सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर महिलाओं के प्रति अपराधों पर अंकुश लगाया जाएगा।
जिले का एक चर्चित मामला कथावाचक के शिष्य श्रवण दास से जुड़ा है, जिनके खिलाफ महिला थाना में कांड संख्या 182/25 दर्ज हुआ था। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था। वहीं उनके गुरु मौनी बाबा की जमानत अर्जी पर सुनवाई की तिथि बढ़ाकर 16 फरवरी कर दी गई है, जिस पर लोगों की नजर बनी हुई है।
दरभंगा व्यवहार न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण चौधरी ने बताया कि दुष्कर्म और हत्या जैसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। वहीं धारा 103(1) में आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
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