हर साल की तरह इस साल भी सूरजकुंड मेला अपनी खूबसूरती और संस्कृति से हर किसी का ध्यान खींचने को तैयार है। यह साल 2026 में 39वां सूरजकुंड मेला आयोजित किया जाएगा। यह मेला भारत की सांस्कृतिक धरोहर और हस्तशिल्प की विविधता को दुनिया के सामने पेश करता है। अगर आप भी इस मेले में जाने की सोच रहे हैं, तो यहां जानें पूरी डिटेल कब लगेगा, टिकट प्राइस और क्या-क्या देख सकते हैं।
कहां और कब लगेगा मेला?
सूरजकुंड मेला हर साल फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित होता है। इस साल मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी तक सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक चलेगा। यह दिल्ली से लगभग 25-30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इसलिए दिल्ली-एनसीआर के लोग आसानी से एक दिन में भी मेला घूम सकते हैं।
मेले की थीम क्या है?
सूरजकुंड मेला भारत का सबसे बड़ा हस्तशिल्प और सांस्कृतिक मेला माना जाता है। इसे देखने के लिए देश-विदेश से हजारों लोग आते हैं। इस साल सूरजकुंड मेले की थीम उत्तर प्रदेश और मेघालय स्टेट है और मिस्र को पार्टनर कंट्री बनाया गया है। यह मेला भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का सबसे बड़ा मंच है।
यहां पर बुनाई, कढ़ाई, मिट्टी और लकड़ी का काम, गहने, परंपरागत कपड़े, सजावटी सामान और स्थानीय व्यंजन देखने और खरीदने को मिलते हैं।
क्या-क्या देख सकते हैं?
मेले में हर राज्य का स्टॉल अलग-अलग संस्कृति को दर्शाता है। राजस्थान की रंग-बिरंगी कढ़ाई, उत्तर प्रदेश की हैंडमेड जूलरी, कश्मीर के शॉल, पंजाब और हिमाचल के क्राफ्ट्स, सब एक ही जगह देखने को मिलता है।
इसके अलावा, देश-विदेश से आने वाले कलाकार भी अपने कल्चरल प्रोग्राम से लोगों का दिल जीत लेते हैं। यहां पर बच्चों के लिए अलग से खेल और एक्टिविटी जोन भी है, जहां कई तरह के झूले, लाइव म्यूजिक और फोक डांस देखने को मिलते हैं।
फूड लवर्स के लिए बेस्ट ऑप्शन
फूड लवर्स के लिए सूरजकुंड मेले में खाने-पीने की कोई कमी नहीं है। यहां पर देश-विदेश की डिशेज आपको मिल जाएंगे। आप राजस्थान के दाल-बाटी-चूरमा, पंजाब के तंदूरी फूड्स और उत्तर भारत के मिठाई-नाश्ते का मजा ले सकते हैं। इसके अलावा, मेला में कई फूड ट्रक और स्ट्रीट फूड की भी मौजूद होते हैं, जो आपके दिन को यादगार बना देंगे।
मेले तक कैसे पहुंचे?
सूरजकुंड मेले तक पहुंचने के लिए आपको बदरपुर बॉर्डर मेट्रो स्टेशन आना होगा। यहां से आपको टैक्सी, ऑटो या बस की सुविधा मिल जाएगी। अगर आप बल्लभगढ़ की ओर से आ रहे हैं, तो बल्लभगढ़ के बस स्टेंड से सूरजकुंड के लिए स्पेशल बसों की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। साथ ही, यहां पर पार्किंग की भी अलग व्यवस्था होती है।
मेले की टिकट प्राइस
सूरजकुंड मेले में एंट्री के लिए आपको टिकट की जरूरत होगी, जिसकी कीमत सामान्य दिनों में 120-150 रुपये तक होती है। अगर आप वीकेंड पर यहां आ रहे हैं, तो टिकट प्राइस 150-200 रुपये के बीच रहेगी। इसके अलावा, बच्चों और स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स के लिए टिकट पर खास डिस्काउंट दिया जाता है।
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