मुंह में घुल जाएगी या कानों से धुंआ निकालेगी? भारत की ये 4 फिश डिशेज हर नॉन-वेज लवर का सपना हैं

यह लेख भारत की चार प्रसिद्ध मछली डिशेज का वर्णन करता है: कोलकाता की इलिश भापा, गोवा की किंगफिश रेचाडो, केरल की करिमीन पोलिचथु और अमृतसर की फिश फ्राई। इन व्यंजनों की अनूठी तैयारी और क्षेत्रीय स्वाद हर नॉन-वेज प्रेमी के लिए एक यादगार अनुभव प्रदान करते हैं, जो भारत की विविध पाक कला को दर्शाते हैं। भारत के चार कोनों से मछली के खास जायके साझा कर रहे हैं एम.सी. वशिष्ठ।

सर्दियों में सुबह-सुबह कोलकाता के बाजार की गहमागहमी की कल्पना कीजिए। ताजा इलिश (हिल्सा) मछली को जब तीखे सरसों के तेल, पिसी हुई पीली सरसों और हरी मिर्च के साथ एक स्टील के बर्तन में बंद करके भाप दी जाती है, तो उसे ‘कुकिंग’ नहीं, ‘इबादत’ कहते हैं। जैसे ही आप टिफिन का ढक्कन खोलेंगे, सरसों की तीखी खुशबू आपकी नाक में सीधे टकराएगी। इलिश भापा की ग्रेवी दानेदार और तीखी होती है। गरम-गरम चावल के साथ जब आप हिल्सा के नरम मांस को मिलाते हैं, तो वह मुंह में जाते ही मखमल की तरह घुल जाता है।

गोवा में मसालों का अंगारा
कल्पना कीजिए कि उत्तर भारत की कंपकपाती ठंड से दूर गुनगुनी धूप में आप गोवा के किसी ‘बीच शेक’ पर बैठे हैं। वहां की मशहूर किंगफिश (सुरमई) के बड़े टुकड़े में एक गहरा चीरा लगाकर, उसमें लाल ‘रेचाडो मसाला’ ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है। यह मसाला लाल मिर्च और सिरके का एक जानलेवा काम्बिनेशन है। जब यह मछली तवे पर जाती है, तो सिरके की खटास और मसालों की चटख से पूरा माहौल महक उठता है। किंगफिश रेचाडो स्वाद का धमाका है, बाहर से एकदम कुरकुरी और अंदर से मसालों से लबालब। इसे गोआनी पाव के साथ खाना एक रूहानी अनुभव है।

केरल का पत्तों में लिपटा राज
समुद्र की शांत लहरों (बैकवाटर) की पृष्ठभूमि में एक केले के पत्ते में लिपटी हुई करिमीन (पर्ल स्पाट) मछली को देखिए। इसे नारियल के दूध, करी पत्ता और इमली के मसालों में लपेटकर केले के पत्ते में बांधा जाता है और फिर धीमी आंच पर सेंका जाता है। जब आप उस जले हुए केले के पत्ते की गांठ खोलते हैं, तो उसके अंदर से निकलने वाला धुआं मिट्टी और ताजगी की महक लेकर आता है। केले के पत्ते की वजह से मछली का अपना रस अंदर ही कैद रहता है, जिससे करिमीन पोलिचथु का हर टुकड़ा बेहद रसीला और सौंधा होता है।

अमृतसर का कुरकुरा जलवा
पंजाब का जिक्र हो और तलने की आवाज न आए, ऐसा कैसे हो सकता है? रोहू या सिंघाड़ा के टुकड़ों को बेसन, अदरक-लहसुन और खूब सारी अजवाइन के घोल में डुबोकर खौलते तेल में डाला जाता है। यह मछली दो बार तली जाती है— पहली बार पकाने के लिए, दूसरी बार उसे ‘करारा’ करने के लिए। और फिर से ऊपर से चाट मसाला और नींबू। अजवाइन का वो हल्का सा कड़वापन और बेसन का कुरकुरापन इसे दुनिया का सबसे बेहतरीन स्नैक बनाता है।

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