गुप्त नवरात्र में इस मुहूर्त में करें कलश घटस्थापना, यहां पढ़ें विधि और भोग

वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 19 जनवरी से गुप्त नवरात्र शुरू हो रहे हैं। गुप्त नवरात्र का समय मां दुर्गा की कृपा प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है। साथ ही जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए व्रत भी किया जाता है। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा करने से आंतरिक शक्ति मजबूत होती है और साधक को मानसिक शांति प्राप्त होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि घटस्थापना समय और विधि के बारे में।

कब से शुरू है गुप्त नवरात्र?
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी को देर रात 01 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 19 जनवरी को देर रात 02 बजकर 14 मिनट पर होगा। ऐसे में गुप्त नवरात्र की शुरुआत 19 जनवरी से होगी।

घटस्थापना समय
19 जनवरी को घटस्थापना का समय सुबह 07 बजकर 14 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक है।

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय घटस्थापना कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक

विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 18 मिनट से 03 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 11 बजकर 52 मिनट से 07 बजकर 14 मिनट तक (20 जनवरी)

घटस्थापना विधि
गुप्त नवरात्र के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
सूर्य देव को अर्घ्य दें। चौकी पर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
विधिपूर्वक से घट स्थापना करें।
देवी को फूलों की माला अर्पित करें।
इसके बाद देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें।
कथा का पाठ करें और मंत्रों का जप करें।
फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
आखिरी में सभी लोगों में प्रसाद बाटें।

गुप्त नवरात्र के भोग
मां दुर्गा को फल, मिठाई, खीर और नारियल समेत आदि चीजों का भोग लगाना चाहिए। इसके बाद लोगों में प्रसाद में बाटें।

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