मिडिल ईस्ट में जारी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान द्वारा लगाए गए होर्मुज स्ट्रेट में पाबंदी से वैश्विक ऊर्जा बाजार में तनाव देखने को मिल रहा है। होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित करने में मदद के लिए नौसैनिक जहाज भेजने की गुजारिश की है।
दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट एक महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्ग है। यहां से आम तौर पर दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है इस पर ईरान लगातार प्रतिबंध लगा रहा है और रोकने की भी धमकी दी है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपित ट्रंप उसे पूरी तरह से फिर से खोले जाने की कोशिश में लगे हैं। ट्रंप का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में अगर शिपिंग बाधित रही तो अमेरिका कार्रवाई करेगा।
होर्मुज स्ट्रेट में मदद के लिए ट्रंप ने सात देशों से की अपील
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने में मदद के लिए लगभग सात देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की है।
ट्रंप का कहना है कि उनका प्रशासन होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को लेकर सात देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने किसी भी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन यह बताया कि वे देश मध्य पूर्व के तेल पर अत्यधिक निर्भर राष्ट्र हैं।
वैश्विक तेल का 20% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता
गौरतलब है कि ट्रंप का यह बयान जब वह होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए एक वैश्विक गठबंधन की घोषणा करने वाले हैं। होर्मुज स्ट्रेट से आम तौर पर वैश्विक तेल निर्यात का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ईरान द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बाद वैश्विक तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।
इस बीच ट्रंप ने कहा, ” हम होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी के बारे में जिन देशों से बात कर रहे हैं, वे ही मुख्य उत्पादक हैं, मैं मांग कर रहा हूं कि ये देश आकर अपने-अपने क्षेत्र की रक्षा करें, क्योंकि यह उनका अपना क्षेत्र है। यह अच्छा होगा यदि अन्य देश भी हमारे साथ निगरानी में शामिल हों। और हम उनकी मदद करेंगे, और उनके साथ मिलकर काम करेंगे।”
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