गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लग गई है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने बुधवार को आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि सरकार के निर्देश प्रभावी रहने तक मामले में आगे कार्रवाई नहीं होगी। आयोग ने निजी कंपनी की सुनवाई कराने की मांग भी खारिज कर दी।
आयोग ने 19 अक्तूबर को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को दोनों जिलों में 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने की मंजूरी दी थी। कंपनी ने 21 अक्तूबर को लाइसेंस की शर्तें स्वीकार कर ली थीं। इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने इसे कर्मचारियों की जीत बताया है। अब मोर्चा तीन नवंबर को बिजली मंत्री के साथ होने वाली बैठक में कर्मचारियों के अन्य मुद्दों को उठाएगा।
हरियाणा सरकार ने 26 अक्तूबर को बिजली अधिनियम की धारा 108 (1) के तहत आयोग को निर्देश दिए थे कि प्रदेश में कहीं भी समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस न दिया जाए और न ही उसे लागू किया जाए। आयोग ने कहा कि जनहित से जुड़े नीतिगत मामलों में सरकार के लिखित निर्देशों का पालन करना उसके लिए अनिवार्य है।
सुनवाई का अवसर देने से इन्कार
कंपनी ने लाइसेंस से संबंधित आगे की कार्रवाई से पहले सूचना देने और अपना पक्ष रखने का अवसर मांगा था। आयोग ने इसे खारिज करते हुए कहा कि सरकार के निर्देश पूरे प्रदेश पर लागू हैं और उन पर अमल के लिए अलग से सुनवाई की जरूरत नहीं है। निर्देश प्रभावी रहने तक आयोग इस मामले में आगे नहीं बढ़ेगा।
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