हरियाणा की राजनीति और प्रशासन में आज का दिन ‘डीबीटी’ (Direct Benefit Transfer) के नाम रहा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डिजिटल इंडिया की ताकत दिखाते हुए एक क्लिक से प्रदेश के लाखों लोगों के खातों में खुशियां भेज दीं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि समयबद्ध तरीके से लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
हरियाणा के कई हिस्सों में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी थी। किसानों की पीड़ा को समझते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा एलान किया। उन्होंने बताया कि सिरसा, हिसार और फतेहाबाद के किसानों के लिए ‘ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल’ खोल दिया गया है, जबकि कुरुक्षेत्र के लिए इसे जल्द ही एक्टिव कर दिया जाएगा। अब किसान अपनी फसल के नुकसान का ब्योरा पोर्टल पर दे सकेंगे, जिससे मुआवजे की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
मंडियों की स्थिति पर बात करते हुए सीएम ने बताया कि अब तक 17.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है और किसानों को फसल का भुगतान सीधे उनके खातों में किया जा रहा है।
किसानों को मशीनीकरण की ओर ले जाने के लिए सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) के 645 किसानों को ट्रैक्टर खरीदने के लिए 19.35 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की है। प्रति किसान 3 लाख रुपये की यह मदद खेती की लागत कम करने में मील का पत्थर साबित होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों में किसानों को मंडियों में रातें गुजारनी पड़ती थीं और भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब हर महीने की 10 तारीख को पेंशन और अन्य लाभ सीधे खातों में पहुंच रहे हैं।
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