राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने जांच को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष जांच दल में चार्टर्ड अकाउंटेंट और फोरेंसिक ऑडिटर शामिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने निष्पक्ष जांच पर जोर देते हुए प्रगति रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
श्री राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जांच को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया जाए, ताकि वित्तीय लेनदेन और चढ़ावे से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच हो सके।
सुनवाई के दौरान CJI ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल अदालत का मुख्य उद्देश्य निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, SIT अपना काम करे, अभी हमारा ध्यान अच्छी जांच पर है। बाकी विषयों पर बाद में विचार किया जाएगा। अदालत ने निर्देश दिया कि विस्तारित SIT अपनी जांच आगे बढ़ाए और निर्धारित समय में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच में पेशेवर वित्तीय विशेषज्ञों की भागीदारी से तथ्यों का सही आकलन हो सकेगा और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसका स्पष्ट खुलासा सामने आएगा। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है, तब तक SIT से प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal