युद्ध के बीच निफ्टी 24000 के करीब; अब कहां बना सपोर्ट

भारतीय शेयर बाजार में 6-7 मार्च 2026 को समाप्त हुए सप्ताह में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और बाजार लगभग एक साल की सबसे खराब साप्ताहिक गिरावट के साथ बंद हुआ। प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 और सेंसेक्स दोनों में करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। भारत एक बड़ा तेल आयातक देश होने के कारण तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका पैदा हो जाती है, जिससे निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ता है। ऐसे में मार्केट एक्सपर्ट जिगर पटेल से अगले सप्ताह यानी 9 मार्च से लेकर 13 मार्च तक बाजार की चाल कैसी रहेगी जानते हैं?

FII की बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों का असर
बाजार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों का भी दबाव रहा। सप्ताह के बीच में कुछ समय के लिए बाजार में रिकवरी देखने को मिली, जिसे शॉर्ट कवरिंग और कुछ सकारात्मक वैश्विक संकेतों का समर्थन मिला। हालांकि यह तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी और सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में फिर से बिकवाली हावी हो गई, जिससे प्रमुख सूचकांक तेजी से नीचे आ गए।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में दिखी ज्यादा गिरावट
सेक्टोरल आधार पर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर दबाव बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर रक्षा (डिफेंस) सेक्टर के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ते वैश्विक तनाव के कारण रक्षा खर्च बढ़ने की उम्मीद से इस सेक्टर में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।

निफ्टी के लिए क्या है सपोर्ट?
आनंद राठी के शेयर मार्केट टेक्निकल एनालिस्ट जिगर पटेल के अनुसार बाजार फिलहाल एक करेक्शन फेज से गुजर रहा है। निफ्टी पहले 25,800–26,000 के रेजिस्टेंस क्षेत्र को पार करने में असफल रहा, जिसके बाद सूचकांक फिसलकर 24,300 के आसपास आ गया। हालांकि साप्ताहिक चार्ट पर निफ्टी अभी भी एक बड़े अपट्रेंड चैनल के भीतर बना हुआ है, जिससे दीर्घकालिक तेजी की संरचना अभी बरकरार मानी जा रही है।

विश्लेषक के अनुसार 24,000 से 24,300 के बीच का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट जोन बन गया है क्योंकि यहां साप्ताहिक ट्रेंडलाइन और डिमांड जोन का संगम है। हालिया कीमतों में गिरावट के बाद इस स्तर पर खरीदारी के संकेत भी दिख रहे हैं। डेली RSI में संभावित पॉजिटिव डाइवर्जेंस भी दिखाई दे रही है, जो अक्सर करेक्शन के अंत और संभावित उछाल का संकेत देती है।

25,100 के ऊपर बंद होने पर तेजी की वापसी के संकेत
विशेषज्ञ का मानना है कि जब तक निफ्टी साप्ताहिक आधार पर 24,000 के ऊपर बना रहता है, तब तक मौजूदा कमजोरी को व्यापक तेजी के भीतर एक स्वस्थ करेक्शन माना जा सकता है। यदि निफ्टी 25,100 के ऊपर निर्णायक साप्ताहिक क्लोजिंग देता है तो यह संकेत होगा कि करेक्शन समाप्त हो चुका है और बाजार आने वाले महीनों में नए उच्च स्तर की ओर बढ़ सकता है। हालांकि 24,000 के नीचे साप्ताहिक बंद होने की स्थिति में बाजार के व्यापक दृष्टिकोण का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ सकता है।

बैंक निफ्टी में 4.5% की तेज गिरावट
पिछले सप्ताह बैंक निफ्टी में लगभग 4.54% की तेज गिरावट दर्ज की गई। सूचकांक 59,800-60,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट बैंड के नीचे फिसल गया और अंत में लगभग 57,800 के स्तर पर बंद हुआ। तकनीकी रूप से यह स्तर सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच हुई तेजी का लगभग 50% रिट्रेसमेंट है, जिससे यह क्षेत्र समर्थन के लिहाज से महत्वपूर्ण बन जाता है।

विश्लेषक के अनुसार बैंक निफ्टी के लिए 57,300-57,000 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट है, जबकि ऊपर की ओर 58,500 प्रमुख रेजिस्टेंस बना हुआ है। दैनिक RSI करीब 32 पर है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब माना जाता है। अगर सूचकांक 58,500 के ऊपर बंद होता है तो अल्पकालिक राहत रैली देखने को मिल सकती है।

निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो?
विशेषज्ञ की राय है कि बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को चयनात्मक रणनीति अपनानी चाहिए। 24,000–24,300 के आसपास आने वाली गिरावट को दीर्घकालिक निवेश के लिए धीरे-धीरे पोर्टफोलियो में जोड़ने का अवसर माना जा सकता है, जबकि ट्रेडर्स को प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखते हुए ही पोजीशन लेनी चाहिए।

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