थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं आजकल आम हो गई हैं, लेकिन जब बात थायरॉइड कैंसर की आती है, तो इसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं। क्या आप जानते हैं कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉइड कैंसर होने का खतरा लगभग 3 से 4 गुना ज्यादा होता है?
यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे महिलाओं की शारीरिक संरचना और हार्मोनल बदलावों की एक बड़ी भूमिका होती है। आइए डॉ. अक्षत मलिक (सीनियर कंसल्टेंट, हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी, अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली) से जानते हैं कि महिलाओं में थायरॉइड कैंसर का रिस्क ज्यादा क्यों होता है।
हार्मोनल भूमिका और एस्ट्रोजन का प्रभाव
महिलाओं में थायरॉइड कैंसर का खतरा ज्यादा होने के पीछे हार्मोन एक बड़ी भूमिका निभाते हैं। हमारा थायरॉइड ग्लैंड एस्ट्रोजन हार्मोन की तरफ ज्यादा सेंसिटिव होता है। महिलाओं के शरीर में, खासकर उनके रिप्रोडक्टिव ईयर्स के दौरान, एस्ट्रोजन का स्तर पुरुषों की तुलना में ज्यादा होता है। इसलिए यह थायरॉइड सेल्स को स्टिमुलेट कर सकता है, जिसके कारण असामान्य सेल ग्रोथ का खतरा बढ़ जाता है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकता है।
हार्मोनल बदलाव भी है जिम्मेदार
महिलाओं के जीवन में हार्मोनल उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा होते हैं। टीनएज, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज के दौरान शरीर में होने वाले ये बदलाव थायरॉइड को सीधे प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑटोइम्यून थायरॉइड डिजीज, जैसे कि हाशिमोटो थायरॉइडिटिस, भी महिलाओं में ज्यादा पाया जाता है। इन स्थितियों के कारण थायरॉइड में होने वाली क्रॉनिक इंफ्लेमेशन कैंसर के जोखिम को बढ़ाने का काम करती है।
स्वास्थ्य की तरफ जागरूकता
एक दिलचस्प कारण बढ़ती हुई डायग्नोसिस दर भी है। पुरुषो की तुलना में महिलाएं अपनी सेहत और नियमित चेक-अप को लेकर ज्यादा एक्टिव होती हैं। वे अक्सर इमेजिंग और अन्य टेस्ट करवाती हैं, जिससे शुरुआती चरण के उन छोटे कैंसरों का भी पता चल जाता है जो आमतौर पर शुरुआत में नजरअंदाज हो जाते हैं।
लक्षणों को पहचानना है जरूरी
थायरॉइड कैंसर के मामले डराने वाले लग सकते हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते इसका पता चल जाए, तो यह पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इसलिए थायरॉइड कैंसर के इन लक्षणों से सावधान रहें-
गर्दन में किसी भी तरह की सूजन या गांठ
आवाज में बदलाव महसूस होना
निगलने में तकलीफ होना
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal