बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत का सामना शिवसेना की सत्ता की ताकत से है, तो उसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के समर्थन की ताकत भी मिल रही है. करणी सेना और आरपीआई के बाद बीजेपी और आरएसएस खुलकर कंगना के सपोर्ट में उतर आई है..यानी ये मामला सिर्फ कंगना तक सीमित नहीं, इसके पीछे शुद्ध सियासत है.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हम हिमाचल की बेटी का अपमान सहन नहीं कर सकते. महाराष्ट्र सरकार ने हिमाचल की बेटी कंगना रणौत के साथ जो राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से अत्याचार किया है. यह अत्यंत चिंताजनक एवं निंदनीय है. हमारी सरकार व देश की जनता इस घटनाक्रम में हिमाचल की बेटी कंगना के साथ खड़ी है.
शिवसेना के नियंत्रण वाली बीएमसी ने कंगना की फिल्म प्रोडक्शन हाउस मणिकर्णिका फिल्म्स के पाली हिल्स वाले दफ्तर की ईंट से ईंट बजा दी..ये सीधी चेतावनी है कि मुंबई में रहना तो शिवसेना का नाम जपना होगा..लेकिन कंगना भी अलग ही मिट्टी-पानी की बनी हैं. कंगना ने कहा कि आज मेरा घर टूटा, कल तेरा घमंड टूटेगा.
बीएमसी की जेसीबी मशीन आई और कंगना के करीब 48 करोड़ रुपये में बने चमचमाते दफ्तर को मिट्टी में मिलाकर चली गई. बीएमसी के बुलडोजर ने चहारदीवारी तोड़ी, दीवारें तोड़ीं, छज्जा तोड़ा..लेकिन कंगना का हौसला नहीं तोड़ पाए क्योंकि कंगना के साथ बीजेपी खड़ी है.
कंगना रनौत का स्वाभिमान सातवें आसमान पर है, क्योंकि शिवसेना से टकराने के लिए बीजेपी की ताकत का साथ है. कंगना के इर्द-गिर्द केंद्र की मोदी सरकार ने वाई कैटेगरी का सुरक्षा घेरा खड़ा कर दिया है. ये सुरक्षा चक्र सबूत है कि कंगना तो महज परछाई है ये बीजेपी और शिवसेना की लड़ाई है.