भोपाल समेत मध्यप्रदेश में सर्दी का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। ठंड के बीच बादलों की मौजूदगी ने मौसम का रुख थोड़ा नरम कर दिया है। प्रदेश के ऊपर से गुजर रहे दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से खासकर पूर्वी जिलों में बादल छाए हुए हैं।रविवार को भोपाल, नर्मदापुरम सहित कई इलाकों में दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक तेज ठंड से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन इसके बाद बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। सुबह के वक्त कोहरे का असर भी जारी रहेगा। सोमवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में मध्यम कोहरा छाया रहा। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित एक दर्जन से ज्यादा जिलों में हल्का कोहरा देखा गया। इस बीच कई जगहों पर पारे में उतार-चढ़ाव भी दर्ज किया गया है।
मौसम क्यों बदल रहा है?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपरी हिस्से से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है। इसी कारण बादल छाने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है। आने वाले दिनों में 19 और 21 जनवरी की रात से दो नए पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर मध्यप्रदेश में भी दिखेगा। 22-23 जनवरी के बाद कहीं-कहीं हल्की बारिश संभव है।
कड़ाके की ठंड अब भी बरकरार
प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका शहडोल का कल्याणपुर बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खजुराहो में 5.8, नौगांव-उमरिया में 6, रीवा में 6.4, पचमढ़ी में 6.8, मंडला में 7.2 और मलाजखंड में 7.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। पांचों बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहा भोपाल 11, इंदौर 12, ग्वालियर 10, उज्जैन 13 और जबलपुर 10.5 डिग्री सेल्सियस।
रिकॉर्ड तोड़ सर्दी का सिलसिला
इस बार मध्यप्रदेश में सर्दी ने पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। जनवरी में भी ठंड का असर कम नहीं हुआ, जिससे भोपाल में बीते 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी में प्रदेश में माइनस जैसी ठंड की स्थिति बन चुकी है, साथ ही शीतलहर और घना कोहरा भी असर दिखा रहे हैं।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal