हिंदू धर्म में बजरंग बाण का बहुत अधिक महत्व है। इसके पाठ के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विधिपूर्वक बजरंग बाण का पाठ करने से भक्त के जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं और हनुमान जी की कृपा से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
वैसे तो बजरंग बाण की सभी चौपाइयों का विशेष महत्व है, लेकिन कुछ चौपाइयां बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। मान्यता के अनुसार, इन विशेष चौपाइयों का सच्चे मन से पाठ करने से जीवन के सभी संकट कोसों दूर हो जाते हैं और शुभ परिणाम मिलते हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में हम आपको उन खास चौपाइयों और उनके अर्थ के बारे में बताते हैं।
संकटों को दूर करने के लिए
जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥
जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥
अर्थ: बजरंग बाण की इस चौपाई का अर्थ है कि हे संतों का भला करने वाले हनुमान जी, आपकी जय हो! आप हमारी प्रार्थना सुन लीजिए। अपने भक्तों के कार्यों को पूरा करने में अब और देरी न करें, आप जल्दी से दौड़कर आइए और हमारे कष्टों को हर कर महान सुख प्रदान कीजिए।
हनुमान जी के पराक्रम का स्मरण कराने के लिए
जैसे कूदि सिंधु महि पारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥
आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुरलोका॥
अर्थ: इसका अर्थ है कि जिस प्रकार से आपने समुद्र को लांघकर पार किया था और सुरसा राक्षसी के मुंह में प्रवेश करके अपनी बुद्धि और बल का विस्तार दिखाया था। आगे जाने पर जब लंकिनी ने आपको रोका, तो आपने उसे एक ही लात में परलोक भेज दिया था।
नकारात्मक शक्तियों और रोगों से रक्षा के लिए
भूत प्रेत पिसाच निसाचर। अगिन बेताल काल मारी मर॥
इन्हें मारु तोहि सपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की॥
अर्थ: बजरंग बाण की इस चौपाई का अर्थ है कि हे प्रभु! भूत, प्रेत, पिशाच, निशाचर, अग्नि बेताल और अकाल मृत्यु का नाश करें। आपको भगवान श्री राम की शपथ है कि आप इन सभी बाधाओं को दूर करें। हे नाथ! श्री राम के नाम की मर्यादा और मेरी लाज रखें।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal