गंगोत्री धाम के मुख्य भागीरथी शिला के मुख्य स्नान घाट से लेकर बड़े पत्थर की ओर स्नान घाटों पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा को देखते हुए बांस के डंडों को बांधकर बंद कर दिया गया है। इसका गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए स्नान घाटों को बंद कर दिया है।
बीते शनिवार को चेन्नई की एक 45 वर्षीय महिला यात्री की गंगा स्नान करते हुए नदी में बहने से मौत हो गई थी। उससे पूर्व में एक पुरुष और महिला यात्री नदी के तेज वेग में बह गए थे। घटनाओं को देखते हुए प्रशासन की ओर से गंगोत्री धाम में मुख्य स्नान घाट सहित अन्य घाटों का बांस लगाकर बंद कर दिया गया है। इसका गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने विरोध किया है।
घाटों की स्थिति सुधारने की मांग
उनका कहना है कि गंगोत्री धाम के दर्शन कर रहे यात्री गंगा स्नान व पूजा पाठ से वंचित हो रहे हैं। लंबे समय से घाटों की स्थिति सुधारने की मांग की जा रही थी लेकिन प्रशासन की ओर से उस ओर किसी प्रकार का कदम नहीं उठाया गया। घाटों को बंद कर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। अगर घाटों को चारधाम यात्रा से पहले व्यवस्थित कर दिया जाता तो इस प्रकार की घटनाएं नहीं होती।
तीर्थ पुरोहित सुमन सेमवाल, विजयप्रकाश, राजेश सेमवाल, श्रीनिवास सेमवाल, अंकित का कहना है कि प्रशासन के पास एसडीआरएफ सहित पुलिस और आईटीबीपी की भारी फोर्स है। उनको सुरक्षा के दृष्टिकोण से घाटों पर तैनात किया जा सकता है लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण अब यात्रियों और तीर्थ पुरोहितों को परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने जल्द ही घाटों को खोलने की मांग की है। डीएम प्रशांत आर्य का कहना है कि कुछ घाटों को सुरक्षा को देखते हुए बंद किया गया था। भागीरथी शिला के पास मुख्य स्नान घाट को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ खोल दिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा इस समय अहम है।
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