ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बुधवार को अमेरिकी लोगों के नाम लिखे एक पत्र में कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच टकराव और बातचीत, दोनों ही रास्ते खुले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान, अमेरिका की किसी भी आक्रामकता का डटकर मुकाबला करेगा।
पेजेश्कियन ने कहा, आज दुनिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां उसे एक अहम फैसला लेना है। टकराव के रास्ते पर चलते रहना पहले से कहीं अधिक महंगा और बेकार साबित होगा। टकराव और बातचीत के बीच चुनाव करना एक असली और बहुत ही अहम फैसला है; इसका नतीजा आने वाली कई पीढि़यों का भविष्य तय करेगा।
उन्होंने कहा, अपने हजारों वर्षों के गौरवशाली इतिहास में ईरान ने कई हमलावरों का सामना किया है और उनसे बच निकला है। उन हमलावरों के नाम आज इतिहास में सिर्फ कलंक बनकर रह गए हैं, जबकि ईरान आज भी कायम है- मजबूत, गरिमापूर्ण और गौरवशाली।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश आम अमेरिकियों के प्रति कोई शत्रुता नहीं रखता। ईरान को एक खतरे के रूप में पेश करना न तो ऐतिहासिक वास्तविकता के अनुरूप है और न ही वर्तमान तथ्यों के अनुरूप।
पेजेश्कियन ने राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से आए युद्धविराम के प्रस्ताव का जिक्र नहीं किया, लेकिन उन्होंने इजरायल पर यह आरोप जरूर लगाया कि वह अमेरिका को ईरान के विरुद्ध युद्ध में घसीट रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया, क्या यह सच नहीं है कि अमेरिका इस आक्रामकता में इजरायल के इशारे पर, उस शासन के प्रभाव और बहकावे में आकर शामिल हुआ है?
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