पंजाब में सुरक्षा को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि भारत-बांग्लादेश विवाद का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्व राज्य में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ई-मेल के माध्यम से लगातार धमकियां भेजी जा रही हैं, जिनकी साइबर सेल गहनता से जांच कर रही है।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पंजाब में किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नशे और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और मुख्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। 20 जनवरी से अब तक सीमावर्ती राज्य में 10 हजार से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब में सालाना करीब 700 हत्याएं होती हैं लेकिन हरियाणा और दिल्ली की तुलना में प्रदेश का अपराध दर कम है। तरनतारन सरपंच हत्याकांड का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि विदेशों में बैठे अपराधी सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को पैसों का लालच देकर अपराध में लपेट रहे हैं।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये हथियार और नशे की खेप रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम को और मजबूत किया गया है। जालंधर एजीटीएफ रेंज की नई इमारत 1.60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई, जिसमें 2.5 करोड़ रुपये का आधुनिक उपकरण 500 तरह के ड्रग्स की पहचान में सक्षम है।
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