हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष बजट को खर्च नहीं कर पाए। अब बजट खर्च न करने में लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारी पर कार्रवाई होगी। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभागों की समीक्षा बैठक की थी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान करीब 100 करोड रुपए स्वच्छ भारत मिशन के तहत खर्च न होने पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई थी।
अब 20 लापरवाह अधिकारियों पर कभी भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। हरियाणा शहरी निकाय विभाग में स्वच्छ भारत के तहत स्वच्छता की कार्यों से लेकर जागरूकता अभियान प्रचार प्रसार आदि कार्यों पर 100 करोड रुपए खर्च होने थे लेकिन फरवरी आने के बावजूद भी बजट खर्च नहीं हो सका। ऐसे में विभागीय अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री विपुल गोयल ने ऐसे 20 अधिकारियों पर कार्यवाही का ब्योरा बनाने को कहा है जिससे 20 अधिकारियों को चार्जशीट करके कार्यवाही हो सके। कार्रवाई से बचने के लिए अबाधिकारी भी योजनाएं बनाने में जुट गए हैं।
राज्य के स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर भी नहीं हो सका काम
हरियाणा सरकार ने इस बार केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण की तर्ज पर राज्य में स्वच्छ सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया था, लेकिन यह कार्य भी शुरू नहीं हो सका। बीते साल 2 अक्टूबर को इसकी शुरुआत होनी थी। बाद में तय किया गया कि इस कार्य को निकाय और दूसरे विभागों के अधिकारियों के बजाय निकाय थर्ड पार्टी के माध्यम से कराएंगे। लंबे समय से टेंडर की प्रक्रिया अटकी हुई है, इस कारण राज्य का स्वच्छ सर्वेक्षण भी शुरू नहीं हो सका।
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