इसमें से एक काॅरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिलेगी। वहीं, तीन अन्य काॅरिडोर की नींव भी रखी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आठ मार्च को मेट्रो के दो काॅरिडोर चालू हो जाएंगे। इसमें से एक काॅरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिलेगी। वहीं, तीन अन्य काॅरिडोर की नींव भी रखी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनके पूरा होने के बाद दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को विस्तार मिलेगा। आवाजाही निर्बाध होने से सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी। इससे आबोहवा भी साफ होगी।
इससे पहले दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने पिंक लाइन पर मजलिस पार्क–मौजपुर और मैजेंटा लाइन पर दीपाली चौक–मजलिस पार्क सेक्शन पर मेट्रो संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। ट्रायल रन के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) ने यात्रियों के लिए संचालन की मंजूरी दे रखी है। वहीं, दिल्ली मेट्रो के फेज-पांच (ए) के तहत तीन नए कॉरिडोर के निर्माण का शिलान्यास भी होना है। इन मेट्रो परियोजनाओं की कुल लागत 18,300 करोड़ रुपये से अधिक है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि आठ मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों काे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके लिए निरंकारी मंडल के सामने डीडीए उत्सव स्थल पर कार्यक्रम का आयोजन होगा। यह प्रोजेक्ट राजधानी को सही मायनों में विकसित दिल्ली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी।
दिल्ली की पहली रिंग मेट्रो पूरी, पूर्वी दिल्ली को बड़ी राहत
मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर सेक्शन की लंबाई 12.3 किलोमीटर है। इसके 8 एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से चालू मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है। नया कॉरिडोर शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिलेगी। पिंक लाइन का पूरा कॉरिडोर करीब 71.56 किलोमीटर होगी। इस पर मेट्रो चलने से मजलिस पार्क, बुराड़ी, झड़ौदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर जैसे इलाके सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे।
मैजेंटा का हिस्सा भी पूरा, नोएडा तक मिलेगी राहत
दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक का कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का हिस्सा है। इसकी लंबाई 9.92 किलोमीटर है। इसमें 7 एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से संचालित बोटेनिकल गार्डन-कृष्णा पार्क एक्सटेंशन मैजेंटा लाइन का विस्तार है। इसके जुड़ने से मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी। इसके चालू होने से दीपाली चौक, मधुबन चौक, उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार, हैदरपुर गांव, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क पहुंचना आसान होगा।
महत्वपूर्ण रहा यह प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कॉरिडोर इंजीनियरिंग की दृष्टि से भी अहम है। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का एक हिस्सा लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक जाता है। यह दिल्ली मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शनों में सबसे ऊंचे हिस्सों में से एक है। वहीं, मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया। यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है।
फेज-पांच (ए) के तहत तीन कॉरिडोर का शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली मेट्रो के फेज-पांच (ए) के अंतर्गत तीन नए कॉरिडोर के निर्माण के लिए शिलान्यास करेंगे। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर, एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार शामिल हैं। रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर की लंबाई 9.913 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा। इसमें नौ नए स्टेशन होंगे जिनमें आरके आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगेन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल हैं। यह कॉरिडोर कर्तव्य भवनों, भारत मंडपम और युगे-युगेन भारत संग्रहालय जैसे प्रमुख स्थलों को मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
दूसरी तरफ एरोसिटी से आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार की लंबाई 2.263 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा। इसमें एक नया स्टेशन होगा और दोनों पहले से संचालित स्टेशनों को आपस में जोड़ा जाएगा। तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार की लंबाई 3.9 किलोमीटर होगी और यह एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसमें सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज स्टेशन शामिल होंगे।
नोएडा-फरीदाबाद को भी मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं से एनसीआर के शहरों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के निवासी वायलेट लाइन के माध्यम से तुगलकाबाद पहुंचकर गोल्डन लाइन के जरिए सीधे एयरपोर्ट का डोमेस्टिक टर्मिनल-1 तक जा सकेंगे। वहीं, नोएडा के यात्री मैजेंटा लाइन से कालिंदी कुंज पहुंचकर गोल्डन लाइन के माध्यम से एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों तक आसानी से यात्रा कर सकेंगे।
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