चीन में कई संस्थान मिलिट्री-स्टाइल अनुशासन और शारीरिक सजा देने के लिए बदनाम हो गए थे। इसके बाद लोगों के विरोध के कारण इस इंडस्ट्री को खुद को फैमिली एजुकेशन सेंटर, बिहेवियरल इंटरवेंशन प्रोग्राम या यूथ डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के तौर पर रीब्रांड करना पड़ा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही नाम बदल गए हों, लेकिन इनका बिजनेस मॉडल अब उन वयस्कों तक भी फैल गया है जिनकी निजी पसंद उनके माता-पिता की उम्मीदों से मेल नहीं खाती।
अब किस तरह से काम कर रहे ये संस्थान
ऑनलाइन मैगजीन द डिप्लोमैट की एक रिपोर्ट के अनुसार, रोमांटिक रिश्ते, बहुत ज्यादा गेमिंग, बेरोजगारी, लीक से हटकर करियर चुनना और सोने का अनियमित समय ये सभी दखलंदाजी की वजह बन सकते हैं।
मार्च में बीजिंग में संगीत की पढ़ाई कर रही एक 21 साल की छात्रा पियानो सिखाने के लिए एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स गई। वहां उसके पिता, बुआ और एक प्राइवेट डिसिप्लिनरी संस्थान के दो कर्मचारी उसका इंतजार कर रहे थे। उसके रिश्तेदारों ने उससे कहा कि अजनबी लोग पुलिस अफसर हैं जो परिवार के एक मामले की जांच कर रहे हैं।
रिपोर्ट में खुलासा
रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्होंने जबरदस्ती उसे गाड़ी में बिठाया, उसका फोन छीन लिया और उसे सैकड़ों मील दूर हेनान प्रांत के एक संस्थान में ले गए, जहां वह अगले 11 दिनों तक रही।
सदर्न पीपुल वीकली का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके माता-पिता उसके रिश्ते से खुश नहीं थे और उन्हें लगता था कि उनकी बेटी पहले उनकी बात मानती थी अब उसे संभालना मुश्किल हो गया है।
कितनी रकम वसूलते हैं ये संस्थान
उन्होंने उसे अलग-थलग रखने, उसकी रोजमर्रा की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे रिश्ता तोड़ने के लिए मनाने के लिए उस संस्थान की सर्विस ली। रिपोर्टों से पता चलता है कि यह संस्थान छह महीने के लिए 26,800 युआन (लगभग 4,000 डॉलर) और एक साल के लिए 36,800 युआन चार्ज करता था, जिसमें रहने और खाने-पीने का खर्च भी शामिल था।
चाइना न्यूजवीक की जुलाई की एक जांच में ऐसे कई वयस्कों का जिक्र किया गया जिन्हें उनके अपने परिवारों ने ऐसे ही संस्थानों में रखा था। 21 साल के एक युवक ने बताया कि उसके माता-पिता ने उसकी सोने की आदतों को सुधारने के लिए एक संस्थान को पैसे दिए थे।
चीनी मीडिया आउटलेट जिएमियन न्यूज की जांच का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन के एक बिहेवियरल करेक्शन स्कूल में 33 साल तक के वयस्क किशोरों के साथ रह रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, चीनी कानून के तहत किसी व्यक्ति की निजी आजादी पर गैर-कानूनी रोक लगाना अपराध है और ऐसा करने वालों को तीन साल तक की जेल हो सकती है।
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