खाड़ी में फंसे भारतीयों को निकालने की तैयारी में जुटी सरकार

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार खाड़ी में फंसे भारतीय नागरिकों को सकुशल निकालने की तैयारियों में जुट गई है। केंद्र सरकार भारतीयों की सुरक्षित निकासी के लिए भारतीय दूतावासों के लगातार संपर्क में है। इसके साथ ही देश भर की राज्य सरकारों ने खाड़ी में फंसे नागरिकों की सहायता के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र की बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। इंडिगो तीन मार्च को जेद्दा (सऊदी अरब) से विभिन्न भारतीय शहरों के लिए 10 विशेष राहत उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। ये उड़ानें आवश्यक स्वीकृतियों और मौजूदा हवाई क्षेत्र की स्थितियों पर निर्भर हैं।

भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ समन्वय कर रही इंडिगो
इंडिगो यात्रियों की सुविधा के लिए जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ समन्वय कर रही है। सूत्रों ने बताया कि जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी। रविवार रात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक में खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई।

सीसीएस ने सभी संबंधित विभागों को इन घटनाक्रमों से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। युद्ध से प्रभावित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है।

भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
इससे पहले हम यूक्रेन में फंसे लोगों को वापस लाए थे। भारतीय जहां भी हों, उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। महाराष्ट्र में अधिकारियों ने बताया कि हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण राज्य के सैकड़ों लोग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।

दुबई में फंसे लोगों में कांग्रेस नेता और जालना से लोकसभा सदस्य कल्याण काले भी शामिल हैं, जो ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को वहां गए थे। जालना के नौ अन्य पर्यटक भी दुबई और अबू धाबी में फंसे हुए हैं।

भारतीय एयरलाइनों ने 300 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद कीं
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण परिचालन में व्यवधान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। इसके चलते भारतीय एयरलाइनों ने सोमवार को 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद कर दीं। अधिकारियों ने बताया कि देश के चार प्रमुख हवाई अड्डों-दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई से आगमन और प्रस्थान सहित 300 से अधिक उड़ानें रद की गईं।

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया के कई हवाई क्षेत्र सोमवार को बंद रहे। सोमवार को इंडिगो ने 163 से अधिक उड़ानें रद कीं, जबकि एअर इंडिया समूह ने 110 से अधिक उड़ानें रद कीं। स्पाइसजेट ने कम-से-कम 20 उड़ानें रद कीं, जबकि अकासा एयर ने आठ उड़ानें संचालित नहीं कीं।

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