धुरंधर और धुरंधर द रिवेंज (Dhurandhar The Revenge) आदित्य धर के निर्देशन में बनी सच्ची घटनाओं से प्रेरित फिल्म है। फिल्म में ऐसे कई कैरेक्टर्स दिखाए गए हैं जो असली लोगों से प्रेरित बताए जाते हैं। इनमें से एक मेजर इकबाल (Dhurandhar Major Iqbal) का कैरेक्टर भी है।
धुरंधर में मेजर इकबाल की भूमिका अभिनेता अर्जुन रामपाल (Arjun Rampal) ने निभाई। उन्होंने इस किरदार को इतनी शिद्दत से निभाया कि पर्दे पर उन्हें देख रोंगटे खड़े हो जाते हैं। धुरंधर में उनका छोटा सा रोल दिल को दहला जाता है। आखिर धुरंधर का मेजर इकबाल असल में कौन था, चलिए आपको उसके बारे में बताते हैं…
पाकिस्तानी मिलिटेंट था ‘मेजर इकबाल’
26/11 मुंबई अटैक को अंजाम देने वाला मेजर इकबाल का कैरेक्टर असल में पाकिस्तानी मिलिटेंट से आतंकवादी बने मोहम्मद इलयास कश्मीरी (Mohammed Ilyas Kashmiri) से प्रेरित है। यह पाकिस्तान का सबसे खूंखार मिलिटेंट था, जिसने बाद में कई आतंकी संगठनों के साथ मिलकर आतंक मचाया।
भारत में करवाए थे हमले
आतंकी संगठनों के साथ मिलकर उसने भारत में कई हमले करवाए जिसमें 2008 का मुंबई हमला और 2010 का पुणे बम धमाका भी शामिल है। कहा जाता है कि इलियास ही वह शख्स था जिसने अल-कायदा लीडर्स को मुंबई अटैक का सुझाव दिया था। वह पहले पाकिस्तानी मिलिटेंट था और फिर आतंकवादी बना। स्कूल में होशियार स्टूडेंट कहा जाने वाला इलियास कराची के जामिया उलूम-उल-इस्लामिया में भी कुछ समय तक पढ़ चुका है जो इस्लामी आतंकवादियों को तैयार करने के लिए जाना जाता था।
उसने अफगानिस्तान में सोवियत युद्ध के दौरान इलियास ने अफगान मुजाहिदीन बागियों को एक्सप्लोसिव हैंडल करना सिखाया था। उसने दूसरे मिलिटेंट्स के साथ मिलकर जिहादी ऑर्गनाइजेशन, हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी बनाया और कश्मीर में मिलिटेंट एक्टिविटीज को अंजाम दिया। इलियास ने तालिबान के साथ मिलकर बहुत सारे टेरर अटैक किए।
ओसामा के साथ था कनेक्शन
इलियास कश्मीरी का ताल्लुक अल-कायदा लीडर ओसामा से था। कहा जाता है कि दोनों का करीबी कनेक्शन था। डेविड इग्नेशियस के एक कॉलम के मुताबिक, ओसामा ने इलियास को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर हमले का प्लान बनाने के लिए कहा था। कहा जाता है कि जब US ने ओसामा को मारा तो अल-कायदा को लीड करने का जिम्मा इलियास कश्मीरी के पास था।
कैसे मारा गया मेजर इकबाल?
इलियास कश्मीरी को धरती का सबसे खतरनाक आदमी बताया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि साल 2011 में US ड्रोन अटैक में वह मारा गया था, लेकिन एक साल तक इस पर सस्पेंस बना हुआ था। कई बार दावा किया गया कि वह जिंदा है। मगर कोई सबूत नहीं मिला। फिर साल 2012 में अल-कायदा के लीड स्पोक्समैन ने एक ऑडियोटेप के जरिए कन्फर्म किया कि कश्मीरी यूएस ड्रोन अटैक में मारा गया।
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