कड़ाके की ठंड के बीच सांसों पर संकट, बेहद खराब से खराब श्रेणी में आई हवा

दिल्लीवासियों को कड़ाके की ठंड के साथ-साथ प्रदूषित हवा से भी राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम है। हवा की दिशा में बदलाव और गति में आई कमी के कारण शनिवार को शहर की वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। रविवार सुबह स्थिति में मामूली सुधार देखने को मिला, जब हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में आ गई। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 297 दर्ज किया गया है, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।

राजधानी के विभिन्न इलाकों में एक्यूआई की स्थिति पर नजर डालें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के अलीपुर में 266, आनंद विहार में 339, अशोक विहार में 309, आया नगर में 227, बवाना में 306, बुराड़ी में 274, और चांदनी चौक इलाके में 332 एक्यूआई दर्ज किया गया है।

वहीं, डीटीयू इलाके में 286, द्वारका सेक्टर-8 में 307, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 में 199, आईटीओ में 297, जहांगीरपुरी में 342, लोधी रोड में 244, मुंडका में 317, नजफगढ़ में 335, नरेला में 304, पंजाबी बाग में 293, आरकेपुरम में 334, रोहिणी में 317, सोनिया विहार में 313, विवेक विहार में 317, और वजीरपुर में 326 एक्यूआई दर्ज किया गया है।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है। 101-200 का मतलब वायु प्रदूषण का स्तर मध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब और 301 से 400 के बीच का अर्थ वायु गुणवत्ता की बेहद खराब श्रेणी को दर्शाता है। 401 से 500 की श्रेणी में वायु की गुणवत्ता गंभीर बन जाती है। ऐसी स्थिति में इंसान की सेहत को नुकसान पहुंचता है। पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह जानलेवा है।

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