ईरान में सरकार की आर्थिक नीतियों और महंगाई के विरोध में जनता का आंदोलन जारी है। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के टकराव में अभी तक 16 लोग मारे जा चुके हैं लेकिन लोग पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कुल 582 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को दंगाई करार देते हुए उनसे सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जनता के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को ताकत के इस्तेमाल से दबाया जाना निंदनीय है। कहा, ईरान सरकार ने ताकत का इस्तेमाल बंद न किया तो अमेरिका वहां पर हस्तक्षेप करेगा।
ईरान ने दी है चेतावनी
लेकिन ट्रंप ने यह नहीं बताया है कि ईरान में अमेरिका का हस्तक्षेप किस तरह का होगा। जबकि ईरान ने कहा है कि वह किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का पूरी ताकत से जवाब देगा। दुश्मन के साथ किसी तरह की रियायत नहीं करेंगे। इस बीच राजधानी तेहरान, देश के पश्चिमी हिस्से और दक्षिणी बलूचिस्तान प्रांत में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की कई घटनाएं हुई हैं।
इन टकरावों में दर्जनों लोगों के घायल होने की सूचना है। हफ्ते भर पहले कारोबारियों और दुकानदारों के शुरू हुए आंदोलन में जल्द ही छात्र और युवा जुड़ गए, उसके बाद यह आंदोलन देश भर में फैल गया और विरोध प्रदर्शन होने लगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने की नीयत से अमेरिका और कई प्रमुख देशों ने उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं।
इसके कारण ईरान का विदेश से कारोबार करना मुश्किल हो गया है। इसी के चलते वहां की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई है, रियाल लगातार नीचे गिर रहा है और महंगाई-बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। इससे त्रस्त लोग सड़कों पर आकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
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