ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुधवार को एक ईरानी नाव पर हमला करने और उसके चार नागरिकों को हिरासत में लेने के लिए कुवैत की कड़ी आलोचना की। उन्होंने नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग की और कहा कि ईरान के पास जवाब देने का अधिकार सुरक्षित है। अराघची ने X पर एक पोस्ट में ये टिप्पणियां कीं और कहा कि इस कदम का मकसद फूट डालना था।
उन्होंने कहा, “फूट डालने की स्पष्ट कोशिश में, कुवैत ने फारस की खाड़ी में एक ईरानी नाव पर गैर-कानूनी रूप से हमला किया है और हमारे 4 नागरिकों को हिरासत में ले लिया है। यह गैर-कानूनी हरकत उस द्वीप के पास हुई, जिसका इस्तेमाल अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए करता है। हम अपने नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग करते हैं और जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।”
ईरान ने कुवैत को दी चेतावनी
ईरान के एक सरकारी प्रेस के अनुसार संघर्ष के दौरान ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिका इन कुवैती क्षेत्र का इस्तेमाल करता है। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर इन हमलों का जवाब दिया और साथ ही ईरान ने कुवैत को सलाह दी है कि अगर वह भविष्य में ईरान के जवाबी हमलों से बचना चाहता है, तो वह अपने क्षेत्र से अमेरिकी सेनाओं को बाहर निकाल दे।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को इन रिपोर्टों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का दौरा किया था; हालांकि, इस दावे को UAE ने पूरी तरह से खारिज कर दिया।
यमन के उप विदेश मंत्री ने ईरान के प्रति एकजुटता दोहराई
इस बीच, यमन के उप विदेश मंत्री ने अपने ईरानी समकक्ष को लिखे एक पत्र में ईरान के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि, इस देश के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की कार्रवाइयों का जारी रहना इस क्षेत्र और पूरी दुनिया को आग के हवाले कर देना है। अब्दुलवाहिद अबू रास ने ईरान के खिलाफ आक्रामकता का विरोध करने के लिए सभी इस्लामी देशों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal