नीट पेपर लीक विवाद के चलते धर्मेद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात करने और एकजुटता दर्शाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेता उनके आवास पर पहुंचे।
गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए साहसिक सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार अब भी प्रधान के साथ
वहीं पार्टी नेताओं का कहना है कि पद छोड़ने का यह फैसला सार्वजनिक जीवन में उच्च नैतिक मानकों को दर्शाता है और पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी है। आंदोलन के दबाव में इस्तीफा भले लिया गया है, लेकिन सरकार यह संदेश देना चाहती है कि अब भी वह एक मजबूत नेता हैं।
भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका
पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा धर्मेंद प्रधान के साथ दृढ़ता से खड़ी है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और ऐतिहासिक नई नीति (एनईपी) को सफलतापूर्वक लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
व्यापक हितों को प्राथमिकता देते हुए, उनके पद छोड़ने का निर्णय सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के उच्चतम मानकों को दर्शाता है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सार्वजनिक सेवा में उनका योगदान समावेशी, दूरदर्शी और नए भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप रहा है।
किरेन रिजिजू ने भारत के शिक्षा तंत्र को मजबूत करने के प्रति प्रधान के समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण क्षेत्र का नेतृत्व करने के लिए अपार दृढ़ता की आवश्यकता होती है, और उन्होंने इसे साहस और स्पष्ट दृष्टि के साथ अपनाया।
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