किसानों ने कहा कि पूर्वी बायपास को मौजूदा अलाइनमेंट से पांच किलोमीटर दूर शासकीय जमीन, बंजर या कम उपजाऊ भूमि से होकर निकाला जाए, ताकि उपजाऊ कृषि भूमि को बचाया जा सके। मुआवजा भी समान रुप से दिया जाए।
पूर्वी रिंग रोड प्रोजेक्ट के विरोध में इंदौर जिले के प्रभावित किसानों ने मुआवजा राशि 4 गुना करने के साथ नगद देने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
क्षेत्र के 30 से अधिक गांव के सैकड़ों किसानों ने अर्ध नग्न होकर हाथों में विरोध की तक्तियां लेकर कंपनी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए कहा कि प्रस्तावित पूर्वी रिंग रोड का निर्माण 38 गांवों की उपजाऊ एवं सिंचित कृषि भूमि से होकर किया जा रहा है। जिससे हजारों किसान परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा।
किसानों का कहना है कि बिना उनकी स्वीकृति भूमि अधिग्रहण नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूर्वी रिंग रोड प्रोजेक्ट निरस्त किया जाए।किसानों ने कहा कि यदि शहर के विकास को देखते हुए सड़क निर्माण आवश्यक हो, तो इसे वर्तमान अलाइनमेंट से पांच किलोमीटर दूर शासकीय जमीन, बंजर या कम उपजाऊ भूमि से होकर निकाला जाए, ताकि उपजाऊ कृषि भूमि को बचाया जा सके।
प्रभावित किसानों ने मांग की कि जिनकी भूमि अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें वर्तमान बाजार मूल्य से कम से कम चार गुना मुआवजा राशि एकमुश्त प्रदान की जाए। साथ ही सभी किसानों को बढ़ी हुई दरों के अनुसार समान मुआवजा देने की भी मांग की गई। प्रदर्शन में कोदरिया गवली पलासिया,जामली,अंबाचंदन आदि गांव के किसानों ने हिस्सा लेकर प्रदर्शन किया।
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