असम में लाखों की धोखाधड़ी में 6 आरोपी गिरफ्तार

असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्य में चल रहे एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह फर्जी लेन-देन के जरिए लाखों रुपये इधर-उधर करने के लिए ‘म्यूल’ बैंक खातों का इस्तेमाल करता था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, असम के बाहर बैठा मुख्य सरगना ‘म्यूल बैंक खातों’ के जरिए ऑनलाइन ठगी से जुटाए गए करोड़ों रुपये इधर-उधर करवा रहा था। गुवाहाटी में छापेमारी कर पुलिस ने रोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम कार्ड और पासबुक सहित कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।

पाकिस्तान लिंक की जांच में जुटी STF
मिलिट्री इंटेलिजेंस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट पर की गई इस कार्रवाई के बाद गिरोह के तार पाकिस्तान के खुफिया एजेंटों से जुड़े होने के संदेह की भी गहन जांच की जा रही है।

एसटीएफ पैसों के लेन-देन के रास्ते (मनी ट्रेल) का पता लगाने और नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल किए गए अन्य खातों की पहचान करने के साथ-साथ, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों से इसके संदिग्ध संबंधों की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस काम में कोई अन्य राष्ट्र-विरोधी तत्व भी शामिल थे।

कैसे हुआ मामले का खुलासा?
यह मामला तब सामने आया जब मिलिट्री इंटेलिजेंस (गजराज, तेजपुर) सहित केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सोनितपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच में गुवाहाटी की मर्जिना बेगम के एसबीआई खाते में संदिग्ध लेन-देन सामने आया। 22 जून से 5 अगस्त 2026 के बीच इस खाते में लाखों रुपये जमा हुए और तुरंत निकाल लिए गए, जिससे खाते के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा हुआ।

जांच आगे बढ़ने पर एसटीएफ ने बामुनीमैदान निवासी मोफिजुल हक (22) और हिमांशु दास (19) की पहचान की। 28 अक्टूबर को विशेष अभियान चलाकर मर्जिना समेत इन तीनों को गिरफ्तार किया गया।

इसके बाद गुवाहाटी में सिलसिलेवार छापेमारी कर एसटीएफ ने 29 अक्टूबर को गणेश नगर से रकीब हुसैन (34) तथा 30 अक्टूबर को उजानबाजार और आनंद नगर से इफ्तिखार हुसैन (25) व अरमान अजूज हक (20) को गिरफ्तार कर लिया।

शुरुआती जांच के अनुसार, यह संदिग्ध नेटवर्क लगभग दो वर्षों से देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय था। वे ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से कमाए गए पैसों को इधर-उधर करने के लिए कई बैंक खातों का यूज करते थे। इसमें शामिल रकम करोड़ों में हो सकती है, हालांकि अभी तक सही आंकड़े का पता नहीं चल पाया है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com