अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) का समर्थन करने के लिए एक द्विदलीय विधेयक पेश किया गया है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस प्रस्तावित कारिडोर की घोषणा 2023 में नई दिल्ली में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी।
सीनेट में पेश किए गए इस विधेयक का उद्देश्य अमेरिका, भारत, मध्य-पूर्व और यूरोप के बीच एक रणनीतिक कड़ी के रूप में पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र की भूमिका को मजबूत करना है। अमेरिकी सीनेटरों कोरी बुकर (डेमोक्रेट) और डेव मैककार्मिक (रिपब्लिकन) की ओर से ‘ईस्टर्न मेडिटेरियन गेटवे एक्ट’ बिल सदन में पेश किया गया।
डिजिटल कारिडोर के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास
इसका उद्देश्य बंदरगाहों, डिजिटल कारिडोर और अन्य रणनीतिक बुनियादी ढांचों के लिए अमेरिका का समर्थन जुटाने का प्रयास करना है ताकि ऊर्जा प्रवाह में विविधता लाने और उसे सुरक्षित करने के अलावा क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और प्रमुख भागीदारों के साथ कूटनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने में मदद मिल सके।
बुकर ने एक बयान में कहा, ‘वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखलाओं को दबाव का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पूर्वी भूमध्यसागरीय एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभर रहा है, जो अमेरिका-भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कारिडोर के समर्थन समेत साझा रणनीतिक हितों पर स्थिरता और सहयोग को बढ़ाने में मदद कर रहा है।’
जबकि मैककार्मिक कहा कि यह विधेयक आइएमईसी के लिए अमेरिकी समर्थन को और मजबूत करता है ताकि व्यापार और ऊर्जा मार्गों को ईरान, चीन और अन्य विरोधियों से सुरक्षित रखा जा सके।
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