अमेरिका में इन दिनों एक बीमारी काफी तेजी से फैल रही है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हो चुके हैं। इसे साइक्लोस्पोरियासिस कहा जाता है, जो पेट से जुड़ा एक तरह का इन्फेक्शन है।
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, यूएस के अनुसार, यह बीमारी अभी तक 9 राज्यों में फैल चुकी है। माना जा रहा है कि ये बीमारी आइसबर्ग लैट्यूस के इस्तेमाल के कारण फैल रही है। आइए जानें कि ये बीमारी क्या है, कैसे फैलती है और इससे बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
साइक्लोस्पोरियासिस कैसे फैलता है?
यह आंतों से जुड़ी एक बीमारी है, जो साइक्लोस्पोरा पैरासाइट के कारण होती है। यह पैरासाइट इतना छोटा होता है कि इसे बिना माइक्रोस्कोप के नहीं देखा जा सकता। जब लोग इस पैरासाइट से दूषित खाना खाते हैं या पानी पीते हैं, तो साइक्लोस्पोरियासिस होता है।
यह सिर्फ इंसानों को इन्फेक्ट करता है और आमतौर पर इंसानी मल से दूषित खाने और पानी के जरिए फैलता है। यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे नहीं फैलती, क्योंकि मल निकलने के बाद इस पैरासाइट को इन्फेक्शियस बनने में कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक का समय लगता है।
क्या यह बीमारी जानलेवा है?
हालांकि, यह बीमारी जानलेवा नहीं है, लेकिन अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो लक्षण गंभीर हो सकते हैं।
साइक्लोस्पोरियासिस के लक्षण कैसे होते हैं?
इस इन्फेक्शन का सबसे अहम लक्षण है तेज और पानी जैसा दस्त होना। इसके अलावा, पेट में ऐंठन और दर्द, बहुत ज्यादा थकान, भूख न लगना, हल्का बुखार, उल्टी होना और पेट फूलने जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं।
इस बीमारी से बचाव कैसे करें?
खाने को हमेशा अच्छी तरह पकाकर खाएं, खासकर सब्जियों को।
फलों और सब्जियों को काटने या पकाने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह धो लें और सब्जियों और फलों को भी अच्छी तरह धोकर खाएं।
टॉयलेट के इस्तेमाल के बाद और खाना खाने से पहले अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
खाने पकाने की जगह और बर्तनों को अच्छी तरह साफ करें।
बिना उबले या बिना ट्रीट किए पानी को न पिएं और न ही उससे खाना बनाएं।
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