
आजाद ने जमियत उलेमा-ए-हिन्द के राष्ट्रीय एकता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि फिरकापरस्ती का मुकाबला करने के लिए र्आएसआईएस जैसा विरोध आरएसएस का भी किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के कारण दुनिया के कई मुस्लिम देशों को बर्बादी का समान करना पड़ रहा है। इंसानों के बीच नफरत पैदा करने वाले किसी भी धर्म के शुभचिन्तक नहीं हो सकते। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह देश सभी धर्मों का है और सभी धर्मों के लोग जिसके साथ होंगे जीत उसी की होगी।
उन्होंने कहा कि नफरत की आग को बुझाना होगा तथा देश की धर्मनिरपेक्षता के लिए सभी को एकजुट रहना होगा। देश में हिन्दू मुसलमान की लड़ाई नहीं है बल्कि नजरिए और सोच की लड़ाई है।