मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन को तैनात करने जा रहा है।
दरअसल, 250 से अधिक दिनों की असामान्य रूप से लंबी तैनाती के कारण लिंकन पर सवार सैनिकों में गंभीर मानसिक तनाव,सुसाइड के प्रयास और बुनियादी सुविधाओं (दूषित पानी, भोजन की कमी और टूटे टॉयलेट) के बिगड़ने की खबरें सामने आई हैं।
दुषित खाना-पानी और सैनिकों की सुसाइड की कोशिश के बीच अब अमेरिका ने इस फाइटर जेट को ले जाने में सक्षम जंगी जहाज की जगह यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को मिडिल ईस्ट भेजने का फैसला लिया है।
हिंद महासागर की ओर बढ़ रहा जार्ज वाशिंगटन
अमेरिकी नौसेना के बयानों और सैन्य गतिविधियों से अवगत अधिकारियों के अनुसार, विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन हिंद महासागर की ओर बढ़ रहा है। यह पोत हाल ही में वियतनाम के दा नांग से रवाना होकर सिंगापुर और मलक्का जलडमरूमध्य से गुजरा है।
हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों और नौसेना ने इन दावों का खंडन करते हुए इस फेरबदल को एक पूर्व-निर्धारित रोटेशन का हिस्सा बताया है। न कि ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ को लेकर उठ रही चिंताओं की सीधी प्रतिक्रिया।
वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा।
अमेरिका द्वारा यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब यूएसएस अब्राहम लिंकन में सवार नाविकों के परिवारों और सांसदों ने उन रिपोर्टों पर चिंता जताई है जिनमें कहा गया है कि लिंकन जहाज पर सवार नाविक 250 दिनों से अधिक समय तक समुद्र में रहने के बाद गंभीर मानसिक आघात और बिगड़ती जीवन स्थितियों का सामना कर रहे हैं। जिसके कारण नाविक आत्मघाती कदम भी उठा रहे हैं।
नवंबर से समय से मिडिल ईस्ट में तैनात है अब्राहम लिंकन
गौरतलब है कि अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर सवार लगभग 5,000 नाविक और मरीन सैनिक 21 नवंबर को सैन डिएगो से रवाना हुए, जिसे शुरू में प्रशांत क्षेत्र में तैनाती के रूप में योजनाबद्ध किया गया था। 28 फरवरी को ईरान के साथ अमेरिकी युद्ध शुरू होने के बाद इसे मिडिल ईस्ट की ओर मोड़ दिया गया था।
सांसदों के अनुसार, यह विमानवाहक पोत अब 200 से अधिक दिनों से लगातार किसी बंदरगाह पर नहीं रुका है, जिससे इसकी तैनाती चालक दल और नौसेना की लंबे समय तक चलने वाले अभियानों को बनाए रखने की क्षमता की एक असाधारण परीक्षा बन गई है।
अमेरिकी नौसेना ने खबरों का खंडन किया
अमेरिकी नौसेना ने लिंकन पोत पर बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य संकट के दावों का खंडन करते हुए कहा है कि पोत पर आत्महत्या के विचारों या आत्महत्या के प्रयासों में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई है। नौसेना ने यह भी कहा है कि नौसैनिकों को चिकित्सकों के साथ-साथ स्वच्छ पानी और पौष्टिक भोजन की सुविधा उपलब्ध है।
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी लिंकन पोत की खराब स्थितियों की खबरों को खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह से गलत बताया। हालांकि, नौसेना ने स्वीकार किया है कि युद्ध ने मिडिल ईस्ट में पारंपरिक आपूर्ति केंद्रों को बाधित किया है, जिससे भोजन, स्वच्छता सामग्री और डाक की कमी और देरी हुई है।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal