कुछ लोग चले भी जाए, तो उनकी हस्ती कभी नहीं मिटती। कुछ ऐसे ही थे इरफान खान, जिनकी स्क्रीन पर इंटेंसिटी और डायलॉग डिलीवरी को देख अच्छे-अच्छे एक्टर्स उनके साथ फिल्में करने से घबराते थे। अक्सर उन्हें यह डर सताता था कि इरफान इतने बेहतरीन एक्टर हैं कि कहीं उनके सामने अन्य अभिनेता का रोल फीका न पड़ जाए।
हालांकि, इरफान खान को किसी के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करने से डर लगा तो वह सिर्फ सनी देओल हैं। इरफान ने क्यों सनी संग काम करने से इनकार किया, विस्तार से पढ़ें यह किस्सा।
सनी देओल से क्यों होती थी इनसिक्योरिटी?
बॉलीवुड हंगामा से बातचीत करते हुए एक थ्रो-बैक इंटरव्यू में नीरज पाठक ने बताया कि उन्होंने इरफान खान को सनी देओल (Sunny Deol) के अपोजिट फिल्म ‘राइट या रॉन्ग’ ऑफर की थी, लेकिन गदर स्टार का नाम सुनकर अपनी इनसिक्योरिटी के कारण उन्होंने फिल्म करने से सीधा-सीधा मना कर दिया। नीरज पाठक ने बताया कि जब उन्होंने जब सनी देओल को इस फिल्म के बारे में बताया तो उन्हें स्क्रिप्ट काफी पसंद आई और वह मूवी में अपने अपोजिट के.के.मेनन और इरफान खान को ही चाहते थे।
निर्देशक इरफान को दूरदर्शन के शो ‘अनुगूंज’ के समय से जानते थे और उन्होंने अभिनेता से यह वादा किया था कि वह अपनी मूवी में उन्हें लीड एक्टर के रूप में जरूर कास्ट करेंगे। हालांकि, स्क्रिप्ट पसंद आने के बावजूद भी इरफान खान (Irrfan Khan), सनी देओल की लार्जर देन लाइफ इमेज के बारे में इनसिक्योर हो रहे थे।
इस बात का सता रहा था इरफान खान को डर
नीरज पाठक ने इरफान खान के शब्दों को याद करते हुए कहा, “उसने मुझसे कहा, भाई आप सनी देओल के दोस्त हो और उनके फेवरेट भी हो। वह बहुत बड़े स्टार हैं। मान लो अगर वो जोर से चिल्ला देंगे, तो मेरा रोल वैसे भी कमजोर हो जाएगा।” निर्देशक ने बताया कि इरफान को यह भी डर था कि मेरी दोस्ती की वजह से मेरी मूवी सनी देओल के किरदार के इर्द-गिर्द ही घूमेगी। हालांकि, नीरज ने इरफान को ये यकीन दिलाया कि सनी देओल इंडस्ट्री के सबसे सिक्योर एक्टर हैं और वह कभी किसी एक्टर का रोल नहीं खाएंगे। इस बातचीत के बाद भी इरफान, सनी देओल के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करने को लेकर नहीं मान रहे थे।
रिप्लेस किए जाने पर माने इरफान खान
नीरज पाठक ने बताया कि उन्होंने इरफान खान को काफी समझाया, लेकिन उनका डर खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था, जिसके बाद मेकर्स ने के.के.मेनन को इस रोल के लिए अप्रोच किया। हालांकि , यह सुनकर इरफान ने उन्हें फोन किया और बोला कि मैं एक बार और स्क्रिप्ट सुनना चाहता हूं। निर्देशक ने ‘क्रेजी-4’ के सेट पर जाकर अभिनेता को कहानी सुनाई। जिसे सुनकर इरफान ने कहा ‘स्क्रिप्ट तो बहुत फाड़ू है’। यह कहने के बाद बिना स्टारडम की तुलना किए इरफान खान मूवी करने के लिए मान गए। आपको बता दें कि फिल्म ‘राइट या रॉन्ग’ साल 2010 में रिलीज हुई थी।
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