Ind vs Eng : विराट की अनोखी स्कीम, 37 टेस्ट मैचों में 37 बार बदली टीम

नॉटिंघम टेस्ट शुरु होने से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि उनके खिलाड़ी टीम में ‘बदलाव नीति’ से कभी नहीं घबराते। हालांकि यह थोड़ा अजीबोगरीब विचार है मगर जो इस पर सवाल उठाते हैं उन्हें इसका जवाब जरूर मिलेगा। आपको बता दें कि विराट ने अभी तक 37 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है जिसमें 37 बार उन्होंने टीम बदली है और पूरी उम्मीद है भारत-इंग्लैंड तीसरे टेस्ट में भी वह इस ट्रेंड को फॉलो करेंगे। विराट ने आगे कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई ऐसा सोचेगा। हमारे लिए सबसे जरूर है मैच में जीतना। इसके लिए किसी खिलाड़ी का करियर बिगड़़ रहा है तो बिगड़े।’ भारत इस समय दुनिया की नंबर वन टेस्ट टीम है और मौजूदा सीरीज में इंग्लैंड से 0-2 से पीछे है। ऐसे में विराट तीसरा मैच जीतकर सीरीज बचाने की भरपूर कोशिश करेंगे।

खिलाड़ी का करियर दांव पर लगता है

भारतीय कप्तान ने मैच से पहले प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘हमें तीसरे टेस्ट पर पूरी तरह से फोकस करना है। इसके लिए किसी खिलाड़ी का करियर दांव पर लगता है तो लगने दो। यह एक अजीबोगरीब बयान होगा मगर हम सिर्फ जीत और जीत चाहते हैं।’ हालांकि विराट ने अपने खिलाड़ियों को सपोर्ट करते हुए कहा कि टीम में बदलाव से खिलाड़ी के करियर पर असर पड़ेगा यह आपको लगता है मुझे नहीं। मैंने कभी नहीं सोचा कि किसी खिलाड़ी का करियर बर्बाद हो। मैं बस बेस्ट प्लेइंग इलेवन उतारने पर विश्वास रखता हूं। मेरे खिलाड़ी टीम के हिसाब से उसमें अपना पूरा योगदान देते हैं।

बल्लेबाजों को समझनी होगी जिम्मेदारी

टीम इंडिया के पिछले दो मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन से विराट थोड़ा चिंतित हैं। उनका कहना है, ‘हमें सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरना होगा। पिछले पांच दिनों में रोजाना ये बातें हमने डिस्कस कीं। अब प्रत्येक खिलाड़ी की जिम्मेदारी बनती है वह मैदान में जाए और बेहतर प्रदर्शन करके आए। हमारे पास अब कोई दूसरा ऑप्शन नहीं बचा।’ भारतीय बल्लेबाजों के पिच पर न टिकने पर कोहली कहते हैं, ‘आप जिस मैदान पर खेलने जाते हैं तो वहां की परिस्थिति को स्वीकारना पड़ता है। आप 100 पर बल्लेबाजी कर रहे हैं या तुंरत क्रीज पर आए हैं, आपको कभी भी एक ऐसी गेंद मिल सकती है जिस पर विकेट गिर जाएगा। ऐसे में बतौर बल्लेबाज ये चैलेंज स्वीकार करना पड़ता है। हालांकि कभी-कभी गेंद के ज्यादा हरकत करने से आप शॉट नहीं लगा पाते। मगर इसका मतलब यह कतई नहीं कि हम सरेंडर कर दें।’

पूरी तरह से फिट हुए विराट
पिछले मैच में कमर दर्द से परेशान रहे विराट ने कहा वह अब बिल्कुल फिट हैं। इसके साथ ही जसप्रीत बुमराह ने भी रिकवरी कर ली और वह वापसी के लिए तैयार हैं। भारतीय कप्तान विराट के सामने सीरीज बचाने की बड़ी चुनौती होगी। अगर भारत तीसरा मैच हार जाता है तो सीरीज भी गंवा देगा। ऐसे में विराट इस चुनौती से निपटने की पूरी तैयारी कर रहे हैं। टीम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, कप्तान ने पिछले मैच में मिली हार के बाद माना भी था कि टीम सलेक्शन में उनसे गलती हो गई और वह इसे दोहराना नहीं चाहेंगे। वैसे आपको बता दें नॉटिंघम में भारत का टेस्ट रिकॉर्ड अच्छा नहीं है।

सिर्फ एक मैच जीता है यहां
ईएसपीएन क्रिकइन्फो के डेटा के मुताबिक, भारत ने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान में पहला टेस्ट मैच साल 1959 में खेला था। तब भारत को पारी और 59 रन से करारी हार मिली थी। इस मैदान पर यह टीम इंडिया की सबसे बड़ी हार है। भारत ने यहां कुल 6 टेस्ट खेले जिसमें दो में हार मिली वहीं 3 मैच ड्रा रहे जबकि एक मैच भारत के नाम रहा था। पिछली बार टीम इंडिया एमएस धोनी की कप्तानी में ट्रेंटब्रिज में खेली थी तब वो मैच ड्रा रहा था।

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