हरियाणा में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल के चलते तहसीलों में रजिस्ट्री का काम सोमवार को डीआरओ (जिला राजस्व अधिकारी) और एसडीएम को काम संभालना था लेकिन व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई। कई जिलों में अधिकतर अधिकारी विभागीय बैठकों में चले गए तो कुछ अधिकारी अवकाश पर रहे। इससे कुछ ही तहसीलों में काम हुआ।
तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल खत्म कराने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। सोमवार को गुरुग्राम में भू अभिलेख निदेशालय के निदेशक के साथ हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की वार्ता हुई। एसोसिएशन ने वजीराबाद के तहसीलदार के निलंबन को वापस करने समेत चार मांगें रखीं। निदेशक ने आश्वासन दिया है कि इन सभी मामलों से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। अब मंगलवार को चंडीगढ़ में बैठक होगी।
हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर की 11 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी ने भू अभिलेख निदेशालय के निदेशक डॉ. यशपाल के साथ गुरुग्राम में वार्ता की। एसोसिएशन ने संयुक्त बयान में कहा कि संबंधित प्रकरण में अब मंगलवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त की माैजूदगी में निदेशक ने वार्ता का आश्वासन दिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आगामी समय में आंदोलन को निरंतर जारी रखने का भी निर्णय लिया जा सकता है।
हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन की चार प्रमुख मांगें
वजीराबाद के तहसीलदार का निलंबन तुरंत वापस लिया जाए।
नायब तहसीलदारों पर की गई कार्रवाई वापस ली जाए।
पुलिस महानिदेशक के माध्यम से जारी उस पत्र को भी वापस कराने की मांग की गई जिसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
जिन क्षेत्रों में जिला नगर योजनाकार और शहरी स्थानीय विभाग अवैध जमीन में शामिल मानते हैं वहां रजिस्ट्री बंद कराने के लिए निदेशालय स्तर पर ही योजनाकार और निकाय विभाग पत्र भेजे। जिससे संबंधित क्षेत्रों के पंजीकरण की प्रक्रिया को मुख्यालय स्तर से ही बंद किया जा सका। तहसील स्तर पर रजिस्ट्री करने के दाैरान ऑनलाइन ऐसा क्षेत्र प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं दिखता। यदि रजिस्ट्री कर दी जाती है तो पुलिस केस हो जाता है और यदि रजिस्ट्री नहीं करते तो लोग कोर्ट चले जाते हैं। इससे विवाद बढ़ रहे हैं।
541 टोकन में से 19 ही हुईं डीड
तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल के चलते राजस्व विभाग ने तहसीलों और उप तहसीलों में डीआरओ और एसडीएम के माध्यम से डीड कराने का निर्णय लिया था। सोमवार को पहले दिन काम धीमा रहा। दोपहर बाद ही प्रदेश की 143 तहसीलों व उप तहसीलों में पंजीकरण से संबंधित काम शुरू हुआ। राजस्व विभाग के अनुसार करीब 541 टोकन लगे थे। इनमें से करीब 19 डीड ही हुईं। 524 टोकन के लिए ऑनलाइन भुगतान भी जमा हो गया है।
डीआरओ व एसडीएम की व्यस्तता से अटके रहे काम
रोहतक एसडीएम कार्यालय में 5 रजिस्ट्री हुईं। बहादुरगढ़ में 1 रजिस्ट्री हुई। करनाल में 163 टोकन लगे थे, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकीं।फतेहाबाद में पोर्टल पर 16 रजिस्ट्री दर्ज तो हो गईं लेकिन एसडीएम ने स्वीकृति नहीं दी। सोनीपत जिले में एसडीएम और डीआरओ राई में होने वाली बैठक में शामिल होने गए थे, इस कारण से रजिस्ट्री का कार्य शुरू नहीं हो सका। हिसार की एसडीएम अवकाश पर थीं और डीआरओ पर हिसार-फतेहाबाद का जिम्मा है, इस कारण हिसार में कोई काम नहीं हो सका। पानीपत के एसडीएम के प्रशिक्षण में शामिल होने के कारण काम अटके रहे। अंबाला जिले में एडीएम लाॅगिन आईडी न होने के कारण काम नहीं कर सके।
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