सोमनाथ मंदिर के पास मांसाहारी भोजन की बिक्री पर रोक बरकरार

गुजरात हाई कोर्ट की सिंगल जज ने प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पास मांसाहारी भोजन की बिक्री पर लगी रोक हटा दी थी। लेकिन सिर्फ चार घंटे के अंदर हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने मांसाहारी भोजन की बिक्री पर लगी रोक को फिर से बहाल कर दिया। मुख्य न्यायाधीश मानस रंजन पाठक और न्यायमूर्ति निर्जर देसाई की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने गुजरात सरकार की एक तत्काल अपील के बाद न्यायमूर्ति निशा ठाकोर के फैसले पर रोक लगा दी। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया कि कलेक्टर का वह नोटिफिकेशन, जिसमें मांसाहारी भोजन की बिक्री पर रोक लगाई गई थी, फिलहाल लागू रहेगा। खंडपीठ इस मामले पर अगली सुनवाई 26 दिसंबर को करेगी।

डिवीजन बेंच ने रोक को किया बहाल

शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे न्यायमूर्ति निशा ठाकोर ने गिर सोमनाथ जिले में सोमनाथ मंदिर के पास होटल और रेस्तरां चलाने वाले मालिकों की याचिकाओं को स्वीकार कर लिया था और नोटिफिकेशन को रद कर दिया था। हाई कोर्ट की सिंगल जज के इस आदेश के बाद सरकारी वकील जी.एच. विर्क तुरंत कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के पास पहुंचे। इसके बाद, कोर्ट के समय के बाद एक डिवीजन बेंच ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की। शाम को, एडवोकेट जनरल कमल त्रिवेदी और सरकारी वकील ने हरिद्वार जैसे अन्य धार्मिक शहरों का उदाहरण दिया, जहां अदालतों ने ऐसे प्रतिबंधों को सही ठहराया था। वकीलों ने तर्क दिया कि सोमनाथ मंदिर के आस-पास कुछ इलाकों में मांसाहारी भोजन पर रोक लगाना सही है, ताकि तीर्थयात्रियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई तक लगाई रोक

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक बेंच ने कहा, ’10 अगस्त 2026 का वह नोटिफिकेशन लागू रहेगा, जिसके तहत सोमनाथ मंदिर के 500 मीटर के दायरे में, और इस इलाके के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली छह चिन्हित सड़कों पर मांसाहारी भोजन को बनाने, रखने और बेचने पर रोक लगाई गई है।’ होटल और रेस्तरां मालिकों ने अपनी याचिकाओं में तर्क दिया कि ये पाबंदियां उनके वैध व्यवसाय करने और अपनी आजीविका कमाने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती हैं। राज्य सरकार ने दलील दी कि व्यवसाय करने की संवैधानिक स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति किसी भी जगह पर हर तरह की व्यावसायिक गतिविधि कर सकता है, भले ही उस जगह का धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व कुछ भी हो। सरकार ने कहा, ‘सोमनाथ कोई आम व्यावसायिक शहर नहीं है, बल्कि लाखों हिंदुओं के लिए इसका असाधारण आध्यात्मिक महत्व है।’

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com