मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार ने आज बुधवार, 2 सितंबर को किसानों और शिक्षकों को लेकर बड़ा एलान किया है।
तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार ने पिछली सरकार के समय शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों और शिक्षकों पर दर्ज केस वापस लेने की बात कही है।
किसानों और शिक्षकों पर दर्ज केस होंगे वापस
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने नियम 110 के तहत एलान करते हुए कहा कि मई 2021 और अप्रैल 2026 के बीच उन किसानों और शिक्षकों पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे, जिन्होंने आजीविका, अधिकारों और कल्याणकारी मुद्दों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया था।
सीएम विजय के एलान के साथ ही विधानसभा में राजनीतिक घमासान मच गया। विपक्ष ने सरकार के इरादे पर सवाल उठाए और नई सरकार के आने के बाद विरोध प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज केसों में भी ऐसी ही राहत की मांग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के दायरे में विरोध करने के अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
विपक्ष ने सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
सहयोगी दलों और विपक्ष के कई सदस्यों ने इस कदम का स्वागत किया, लेकिन DMK व्हिप ई.वी. वेलु ने आरोप लगाया कि इस एलान के पीछे छिपा हुआ मकसद है।
पूर्व मंत्री एम.आर.के. पनीरसेल्वम ने पूछा कि क्या सरकार फसल ऋण के लिए विरोध कर रहे किसानों पर पिछले 100 दिनों में दर्ज केस भी वापस लेगी।
स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर ने दखल देते हुए वेलु की आपत्ति को खारिज कर दिया और कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा के नियमों के दायरे में रहकर यह एलान किया है।
किन किसानों और शिक्षकों के केस होंगे वापस
लाभार्थियों में वे किसान शामिल हैं जिन पर तिरुवन्नामलाई में SIPCOT इंडस्ट्रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का विरोध करने के लिए केस दर्ज किए गए थे। कुछ प्रदर्शनकारियों को गुंडा एक्ट के तहत हिरासत में भी लिया गया था।
इन लोगों की लिस्ट में वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने प्रस्तावित परंदूर हवाई अड्डे के खिलाफ लंबे समय तक चले आंदोलन में हिस्सा लिया था। उन्हें खेती की जमीन, जल निकायों और आजीविका के नुकसान की चिंता थी।
विजय सरकार के एलान के बाद उन शिक्षकों को भी राहत मिलेगी, जिन पर अपनी मांगों और अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन करते हुए केस दर्ज किए गए थे।
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