नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सोमवार को डीजीपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने एफआईआर तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट धारा लगाई गई हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर गलत टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को झूठा, निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है।
उत्तराखंड पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि आठ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों की ओर से हल्द्वानी के रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया गया था। धस्माना ने आरोप लगाया कि वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद पुलिस ने मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि उत्तराखंड पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है। कांग्रेस ने डीजीपी के सामने तीन मांगें रखी। राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कर उसे तत्काल निरस्त किया जाए। आठ अगस्त को रामलीला मैदान में शुद्धिकरण करने वाले गिरीश पांडेय और उनके साथियों के खिलाफ वीडियो साक्ष्य के आधार पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। और शिकायतकर्ता अमित कुमार के राजनीतिक संबंधों की जांच की जाए।
धस्माना ने चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर आऊनिरस्त नहीं की गई और कांग्रेस के अनुसार वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
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