पहले दिन 73 और दूसरे दिन 43 यानी दो दिन में कुल 116 ओवर के खेल के बाद भारतीय टीम ने श्रीलंका के विरुद्ध पहले टेस्ट की पहली पारी में नौ विकेट पर 460 रन बना लिए हैं। पहले दिन दो विकेट पर 307 रन बनाने वाली भारतीय टीम के अगले सात विकेट 153 रनों पर गिरने से आप निराश महसूस कर रहे होंगे, लेकिन आपको ऐसा करने की कतई जरूरत नहीं है क्योंकि गाल की पिच पर स्पिनरों को टर्न मिलने लगा है।
जैसे-जैसे समय बीतता जाएगा भारत के तीन बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा श्रीलंकाई बल्लेबाजों का पुलिंदा बांध देंगे। गाल में अगले तीन दिन भी वर्षा की संभावना है लेकिन भारत अगर यह मैच जीत लेता है तो वह दो टेस्ट की सीरीज में 0-1 से आगे हो जाएगा और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में पहुंचने की उसकी उम्मीदें जिंदा रहेंगी।
बारिश के बाद खेल
दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे दिन मूसलाधार बारिश और बादलों की लुका-छुपी के बीच जब दोपहर 2.35 बजे खेल शुरू हुआ, तब गाल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की पिच का स्वभाव बदल चुका था। जिस पिच पर एक दिन पहले बल्लेबाजों का जलवा था, उसी पर अगले दिन गेंदबाज अपना जौहर दिखा रहे थे। देवदत्त पडिक्कल (167) और ध्रुव जुरैल (51) ने इस बीच लंगर डाले रखा और भारत के स्कोर को 450 के पार पहुंचाने में मदद की।
पडिक्कल ने अपना बल्लेबाजी स्टांस बदलकर और बैक लिफ्ट पर स्विच करके साथियों को दिखाया कि घूमती पिच पर कैसे बल्लेबाजी की जाती है। वह श्रीलंका के विरुद्ध नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए 150 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे भारतीय भी बने।
समय का चक्कर
पहले दिन दो विकेट पर 288 रन बनाने वाली भारतीय टीम जब दूसरे दिन का डेढ़ सत्र बर्बाद होने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी तो वह बचे हुए समय के लिए चिंतित दिखी। यही कारण है कि ऋषभ पंत ने पहली ही गेंद पर चौका मारा लेकिन पिच के ज्यादा टर्न लेने और नुवांथा के अपनी लेंथ पर टिके रहने के कारण पंत जल्द ही वाइड मिड ऑफ पर एक अच्छे कैच पर आउट हो गए। हालांकि ऐसा शॉट पंत के लिए अजीब नहीं है, लेकिन यह काफी हद तक वैसा ही था जिस पर पहले दिन शुभमन गिल आउट हुए थे।
इससे पता चलता है कि भारत अच्छी शुरुआत के बाद समय बर्बाद नहीं करना चाहता था। सात ओवर का खेल बीतने के बाद श्रीलंका ने दूसरी नई गेंद ली और यहीं से उनका अच्छा समय शुरू हो गया। उन्होंने नई गेंद भी ऑफ स्पिनर नुवांथा को दी। नई गेंद से उन्हें तेज टर्न और नेचुरल वैरिएशन मिला। पंत के बाद उन्होंने केएल राहुल को आउट किया।
नुवांथा की शानदार गेंदबाजी
पहले दिन ऐंठन के कारण रिटायर्ड हर्ट हुए केएल राहुल को नुवांथा ने तेज आफब्रेक पर बैट-पैड पर कैच कराया। इस बीच देवदत्त ने अपने पहले टेस्ट शतक को 150 में बदला। उन्होंने अपने पिछले दिन के स्कोर में 36 रन जोड़े और 167 के कुल स्कोर पर जयसूर्या की गेंद पर स्टंप हो गए। इसके बाद इस ऑफ स्पिनर नुवांथा ने रवींद्र जडेजा को एलबीडब्ल्यू कर दिया। दो विकेट पर 307 रन बनाने वाली भारतीय टीम ने 377 रनों तक पहुंचते-पहुंचते चार विकेट और गंवा दिए थे। इन चार में से तीन विकेट नुवांथा ने लिए। उन्होंने लगातार 16 ओवर का स्पैल किया।
जुरैल की बढ़िया पारी
यहां से श्रीलंकाई टीम भारत को 425 के अंदर रोकने के लिए मुस्तैद हो गई लेकिन जुरैल और मानव सुथार ने 55 रन की साझेदारी करके उनकी उम्मीदों को खत्म कर दिया। जुरैल का अर्धशतक पूरा होते ही जयसूर्या को स्लिप पर कैच आउट कराया। कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने उनका आसान कैच छोड़ा था और इस बार उन्होंने उनका शानदार कैच पकड़ा।
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