बरेली में सर्किल रेट की प्रस्तावित नई दरें जारी कर दी गई हैं। इसके हिसाब से शहर का सबसे महंगा इलाका डोहरा रोड बना है। यहां सर्किल रेट में 20 फीसदी तक वृद्धि की गई है। नई दरें 24 अगस्त से लागू करने की तैयारी है।
बरेली जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सर्किल रेट में संशोधन की तैयारी पूरी हो गई है। मंगलवार को सभी छह तहसीलों में उप निबंधक कार्यालयों ने अपने-अपने क्षेत्रों की दरें प्रस्तावित कर दी। इसके हिसाब से डोहरा रोड शहर का सबसे महंगा इलाका है। कुछ अन्य इलाकों में भी जमीन 20 फीसदी तक महंगी हुई है।
इन नई दरों को 24 अगस्त से लागू करने की तैयारी है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, सदर तहसील के प्रथम क्षेत्र में अकृषक भूमि की दरों में 0 से 20 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है। कृषि भूमि में 0 से 12 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है। व्यावसायिक एकल भूमि में औसतन 10 फीसदी सर्किल दर प्रस्तावित है।
व्यावसायिक भवनों के कॉम्प्लेक्स रेट में औसत पांच फीसदी और निर्माण दरों में 0 से 10 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है। सदर तहसील के द्वितीय रजिस्ट्री कार्यालय क्षेत्र में अकृषक, कृषि और व्यावसायिक एकल भूमि की दरों में 0 से 20 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है।
वाणिज्यिक भवनों के कॉम्प्लेक्स रेट में 0 से 16 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है। यह संशोधन जिले की सभी छह तहसीलों में विभिन्न श्रेणियों की भूमि पर लागू होगा। इसका उद्देश्य मूल्यांकन दरों को बाजार मूल्य के अनुरूप करना है।
डोहरा रोड पर सबसे महंगी जमीन
सदर तहसील में पीलीभीत बाइपास डोहरा रोड पर सबसे अधिक 20 फीसदी सर्किल रेट प्रस्तावित है। आंवला तहसील में अकृषक, वाणिज्यिक और अन्य भूमि की दरों में सामान्यतः करीब 10 फीसदी वृद्धि प्रस्तावित है। औद्योगिक कॉरिडोर से से जुड़े क्षेत्रों में कृषि भूमि की दरों में अलग-अलग वृद्धि प्रस्तावित की गई है। भमोरा में पांच फीसदी और शेष नौ चयनित गांवों में करीब 25 फीसदी की वृद्धि की गई है। यह जिले में सर्वाधिक वृद्धि है।
मीरगंज में 10 से 20 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित
मीरगंज में अकृषक और कृषि भूमि की दरों में 10 से 20 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है। अन्य श्रेणी की भूमि में करीब 20 फीसदी तक वृद्धि और चिल्लित मार्गों की दरों को बाजार मूल्य के अनुरूप करने का प्रस्ताव है। नवाबगंज तहसील में अकृषक व कृषि भूमि की दरों में पांच से 20 फीसदी और वाणिज्यिक एकल भूमि में औसतन 10 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव है। यहां कुल 91 सेगमेंट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें बथुआ व ज्योरा मकरंदपुर को अर्धनगरीय क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव है।
बहेड़ी तहसील में चार नए रोड सेगमेंट भी चिह्नित किए गए हैं। इसमें नारायण नगला पुल से गुरसौली तक, गन्ना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जाम सावंत जनूबी तक, देवरनिया रेलवे फाटक से मुडिया बाजार तक, जहानाबाद रोड पर सेवाराम ट्रेडर्स से कुंडरा सीमा तक बनाए गए हैं। जहां कृषि व गैर खेती की भूमि की दरों में पांच से 15 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है।
यहां पहले भी कम नहीं थे जमीन के भाव
आवासीय भूमि की बात करें तो शहर के डीडीपुरम व रामपुर बाग जैसे कुछ इलाकों में जमीन के दाम आसमान छू रहे थे। रामपुर बाग चौराहा से बरेली कॉलेज तक जमीन के रेट 79000 प्रति वर्ग मीटर थे। चौकी चौराहे से संजय कम्युनिटी हॉल तक जमीन का दाम भी इतना ही था। तोमर अस्पताल चौराहे से एलआईसी दफ्तर तक ये दाम और बढ़कर 82000 रुपये तक थे। कुतुबखाना के आसपास की जमीन के दाम 94000 थे। अब नई दरों में करीब 20 से 25 फीसदी वृद्धि के साथ ये दाम और बढ़ने तय हैं।
17 तक आपत्ति व 20 अगस्त तक लिए जाएंगे सुझाव
सर्किल रेट के संशोधित दरों की सूची का प्रस्ताव 11 अगस्त को प्रकाशित कर दिया गया है। इस पर 17 अगस्त तक आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे। 17 अगस्त को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों, बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ, अन्य संगठनों और आमजन के साथ बैठक होगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 20 अगस्त को सूची हस्ताक्षर के लिए प्रस्तुत की जाएगी। फिर 24 अगस्त से नई दरें लागू करने की तैयारी है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि सर्किल दरें जारी कर दी गई हैं। इसमें प्रमुख क्षेत्रों में सड़क व स्थान की महत्ता को देखते हुए सर्किल रेट तय किया गया है। इस पर आपत्ति आने के बाद उसका निस्तारण कर 24 अगस्त को फाइनल सूची जारी की जाएगी।
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