मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने बुधवार को सरकार के सामने माना कि खास तरह के कंटेंट को बूस्ट करने के लिए उसे काफी पैसे दिए गए थे। यह बात तो कम ही सुनने को मिलती है लेकिन ऐसी खबरें आम हैं जिनमें दावा किया जाता है कि अमेरिका की यह कंपनी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गैर-कानूनी कंटेंट होस्ट करके कमाई करती है।
पिछले साल नवंबर में रॉयटर्स ने कंपनी के गुप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी थी कि कंपनी ने पिछले साल ही अंदरूनी तौर पर अनुमान लगाया था कि वह स्कैम और प्रतिबंधित सामानों के विज्ञापन दिखाकर अपनी कुल सालाना कमाई का लगभग 10% हिस्सा कमाएगी।
स्कैम विज्ञापनों से हुई अरबों डॉलर की कमाई
रिपोर्ट में कहा गया है कि मेटा उन विज्ञापनों की पहचान करने और उन्हें रोकने में नाकाम रहा, जो धोखाधड़ी वाली ई-कॉमर्स और निवेश योजनाओं, गैर-कानूनी ऑनलाइन कैसीनो और प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देते थे।
रॉयटर्स को मिले दिसंबर 2024 के एक दस्तावेज में दावा किया गया है कि जुकरबर्ग की कंपनी ने सोशल मीडिया यूजर्स को हर दिन 15 अरब ज्यादा जोखिम वाले स्कैम विज्ञापन दिखाए। एक और दस्तावेज में बताया गया है कि मेटा को स्कैम विज्ञापनों से हर साल लगभग 7 अरब डॉलर की सालाना कमाई होती थी।
कंटेट फिल्टर में कमी पाई गई
रिपोर्ट में मेटा के आपत्तिजनक कंटेंट फिल्टर में एक कमी बताई गई है। इसमें दावा किया गया है कि कंपनी विज्ञापनदाताओं पर तभी रोक लगाती थी, जब उसके ऑटोमेटेड सिस्टम को धोखाधड़ी का कम से कम 95% यकीन हो जाता था।
उस समय मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा था कि एजेंसी द्वारा देखे गए दस्तावेज एकतरफा नजरिया पेश करते हैं जो धोखाधड़ी और स्कैम के प्रति मेटा के नजरिए को गलत तरीके से दिखाते हैं। स्टोन ने कहा था, “यह आकलन हमारी इंटीग्रिटी से जुड़े उन निवेशों को सही ठहराने के लिए किया गया था जिनकी हमने योजना बनाई थी जिसमें धोखाधड़ी और स्कैम से निपटना भी शामिल है और हमने ऐसा किया भी।”
उन्होंने कहा, “हम धोखाधड़ी और स्कैम के खिलाफ सख्ती से लड़ते हैं क्योंकि हमारे प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोग ऐसा कंटेंट नहीं चाहते, असली एडवर्टाइजर भी इसे नहीं चाहते और हम भी इसे नहीं चाहते।”
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?
रिपोर्ट में कहा गया है कि मेटा के इंटरनल असेसमेंट में यह पाया गया कि उसके प्रोडक्ट्स ग्लोबल फ्रॉड इकॉनमी का एक अहम हिस्सा बन गए हैं। मई 2025 में कंपनी की सेफ्टी टीम की एक प्रेजेंटेशन में बताया गया कि अमेरिका में हुए सभी स्कैम में से एक-तिहाई मामलों में कंपनी का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल था।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 के एक दस्तावेज में मेटा द्वारा स्वचालित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली में निवेश की कमी को उजागर किया गया था। मेटा ने तब अपने कर्मचारियों को उन धोखेबाजों पर ध्यान देने का निर्देश दिया था जो सोशल मीडिया यूजर्स को ठगने के लिए सेलिब्रिटी होने का दावा करते थे।
एक दस्तावेज में बताया गया था कि ऐसे घोटालों से विज्ञापनदाताओं और मशहूर हस्तियों के नाराज होने का जोखिम था, जिससे रेवेन्यू पर असर पड़ सकता था। इसके अलावा रॉयटर्स ने 2023 के एक दस्तावेज का हवाला देते हुए बताया कि मेटा ने स्कैम से जुड़ी ज्यादातर यूजर रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया था।
उस साल फेसबुक और इंस्टाग्राम यूजर्स हर हफ्ते धोखेबाजों के मैसेज भेजने की 1,00,000 सही रिपोर्ट दर्ज करा रहे थे, लेकिन कंपनी ने उनमें से 96 प्रतिशत रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया या खारिज कर दिया।
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