ईरान में मोजतबा खामेनेई को लेकर शंकाओं के बीच बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मिडिल-ईस्ट के इस देश में नया पावर सेंटर उभरकर सामने आया है। इस्लामी क्रांति के जनक अयातुल्ला खुमैनी के पोते अली खुमैनी को इस्लामी फ्रंट (जबेह पायदारी) का समर्थन मिल गया है।
अली खुमैनी बेहद कट्टरपंथी गुट के हैं। उन्होंने कोम की सभा में अमेरिका से डील नहीं करने की घोषणा की है। अली ने ईरान की हार्ड लाइनर लीडरशिप के बीच अपनी पैठ मजबूत कर ली है। आईआरजीसी भी अब अली के समर्थन में आ गई है।
अब आगे क्या?
अब ईरान खाड़ी देशों में अपना दबदबा बढ़ाएगा।
अली गल्फ प्लान पर बढ़ेंगे, जिसमें खाड़ी देशों को अमेरिकी क्लब से निकालकर ईरान के पाले में लाना है।
ईरान में सुधारवादियों को एजेंडे बढ़ाना और मुश्किल होगा।
हिजबुल्लाह, हमास, हृतियों को अधिक सैन्य मदद देना।
होर्मुज में जहाजों से 20% टोल वसूली करेंगे ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह होर्मुज में जहाजों से 20% टोल वसूलेंगे, सुरक्षा भी देंगे। उन्होंने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट खुला है और ईरान के साथ या उसके बिना भी खुला रहेगा। हम ईरानी नाकाबंदी को बहाल कर रहे हैं, जिसे यह नाम दिया गया है क्योंकि यह केवल ईरान के जहाजों या ग्राहकों को प्रवेश करने या जाने से रोक रहा है। अन्य सभी देशों में स्ट्रेट का निष्पक्ष और खुला उपयोग होगा।”
बता दें कि ईरान ने सोमवार को बहरीन, कुवैत और कतर पर ड्रोन दागे तो अमेरिका ने बुशहर व क्रेशम में एयरस्ट्राइक की। इसके बाद क्रूड ऑयल के दाम 4% उछल कर 79 डॉलर प्रति बैरल हो गए।
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