री-इवैल्यूएशन के आखिरी दिन CBSE स्टूडेंट्स पोर्टल में गड़बड़ी

सीबीएसई की 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के आखिरी दिन देशभर के कई छात्रों को भारी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पोर्टल पर तकनीकी खराबी के कारण कई छात्र आवेदन करने से चूक गए। वहीं, बोर्ड के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर और सपोर्ट चैनलों पर संपर्क करने की तमाम कोशिशें भी नाकाम रहीं।

रविवार को जैसे-जैसे आवेदन की डेडलाइन करीब आई, सोशल मीडिया पर छात्रों की शिकायतों की बाढ़ आ गई। छात्रों का कहना है कि उन्हें लगातार लॉगिन में विफलता, रोल नंबर नॉट फाउंड का एरर, पेमेंट फेल होने, कैप्चा संबंधी दिक्कतें और वेबसाइट के काम न करने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

एक्स पर सीबीएसई को टैग करते हुए एक छात्र ने लिखा कि मैं री-वैल्यूएशन के लिए आवेदन नहीं कर सका क्योंकि सही रोल नंबर डालने के बावजूद पोर्टल पर रोल नंबर नॉट फाउंड दिखा रहा था। इस तकनीकी समस्या के कारण मैं डेडलाइन से पहले अपना अनुरोध जमा नहीं कर सकता।

नई दिल्ली के छात्र प्रतीक सज्जन ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि मैं साइट पर लॉगिन करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन नहीं हो पाया। मैंने सभी डिटेल्स सही भरी थीं, फिर भी मैं आगे नहीं बढ़ सका और पोर्टल बंद हो गया।

हेल्पलाइन और ईमेल से भी नहीं मिला जवाब

छात्रों की परेशानी तब और बढ़ गई जब उन्हें बोर्ड के आधिकारिक सपोर्ट सिस्टम से कोई मदद नहीं मिली। छात्रों के अनुसार, सीबीएसई हेल्पलाइन पर किए गए कॉल या तो किसी ने उठाए नहीं या फिर नंबर लगातार व्यस्त बताता रहा। पिछले तीन-चार दिनों से उनके ईमेल का भी कोई जवाब नहीं दिया गया है।

भोपाल की तनिष्का राठी ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “उनकी हेल्पलाइन जवाब नहीं दे रही थी, ईमेल का कोई उत्तर नहीं मिल रहा था और पोर्टल काम नहीं कर रहा था। ऐसे में छात्र डेडलाइन से पहले आवेदन कैसे जमा करें?”

फिजिक्स की मार्किंग को लेकर सबसे ज्यादा रोष

विज्ञान विषयों, विशेषकर फिजिक्स की स्कैन्ड कॉपियों में कथित गड़बड़ी मिलने के बाद छात्र पहले से ही काफी नाराज थे। इस नई तकनीकी परेशानी ने उनके गुस्से को और भड़का दिया है। कई छात्र कॉपियां देखने के बाद मार्किंग में खामियों का आरोप लगा रहे हैं और ग्रेस मार्क्स देने की मांग कर रहे हैं।

बेंगलुरु की छात्रा आकांक्षा शर्मा ने कहा, “हम कोई अनुचित मांग नहीं कर रहे हैं। हमने बस फिजिक्स में ग्रेस मार्क्स देने का अनुरोध किया है, क्योंकि कई सही उत्तरों के लिए भी उचित अंक नहीं दिए गए हैं।”

एडमिशन पर मंडरा रहा खतरा

पोर्टल की धीमी प्रक्रिया और देरी के कारण छात्रों को कॉलेज एडमिशन और अपने करियर को लेकर भी चिंता सता रही है। पुणे के अनिकेत महाजन ने बताया कि आवेदन जमा किए हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन स्टेटस अभी भी अंडर रिव्यू दिखा रहा है। इससे मेरे आगे के आवेदन प्रभावित हो रहे हैं और सीबीएसई की तरफ से कोई स्पष्टता नहीं है।

सोलापुर के विशाल मोरे ने दूर-दराज के इलाकों की कनेक्टिविटी समस्या को उजागर करते हुए कहा कि साइट ठीक से काम नहीं कर रही है और मैं एक ऐसे इलाके में रहता हूं जहां नेटवर्क की समस्या पहले से ही है। मैंने बोर्ड से डेडलाइन बढ़ाने का अनुरोध किया है क्योंकि तकनीकी खामियों की वजह से छात्र अपना मौका खो रहे हैं।

डेडलाइन बढ़ाने की उठी मांग

रविवार शाम तक सोशल मीडिया पर एक और एक्सटेंशन की मांग तेज हो गई। कई छात्रों ने स्क्रीनशॉट शेयर कर एरर मैसेज दिखाए और सवाल उठाया कि बोर्ड द्वारा पहले दी गई मोहलत के बावजूद पोर्टल में अब तक सुधार क्यों नहीं हुआ। छात्रों का तर्क है कि अगर अहम वक्त पर वेबसाइट ही काम न करे, तो अतिरिक्त समय देने का कोई मतलब नहीं रह जाता।

छात्रों ने सीबीएसई से आग्रह किया है कि या तो पोर्टल को कुछ और दिनों के लिए खुला रखा जाए या फिर जिन उम्मीदवारों का आवेदन तकनीकी विफलता के कारण छूट गया है, उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

हालांकि, सीबीएसई ने छात्रों को आधी रात की डेडलाइन से पहले आवेदन पूरा करने का रिमाइंडर जारी किया था, लेकिन पीड़ित छात्रों का साफ कहना है कि समस्या डेडलाइन की जानकारी न होने की नहीं, बल्कि सिस्टम के एक्सेस न हो पाने की है।

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