अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका को समस्याग्रस्त बताया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि वह पाकिस्तान के अब्राहम समझौते में शामिल होने के पक्ष में नहीं हैं।
अब्राहम समझौता इजरायल और कुछ अरब देशों के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने से जुड़ा समझौता है। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान की पुरानी नीति यही रही है कि जब तक 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर फिलिस्तीन को अलग देश का दर्जा नहीं मिलता और पूर्वी यरुशलम उसकी राजधानी नहीं बनती, तब तक पाकिस्तान इजरायल को मान्यता नहीं देगा।
पाकिस्तान से जवाब मांगने की बात
लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पाकिस्तान का इजरायल के प्रति विरोध लंबे समय से रहा है। उन्होंने कहा कि यह बात काफी समय से साफ है कि पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाना आसान या सही विकल्प नहीं है।
उन्होंने पाकिस्तान से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की उस अपील पर जवाब देने को कहा, जिसमें मध्यस्थ देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की बात कही गई थी। ग्राहम ने कहा कि भले ही ख्वाजा आसिफ का वीडियो पुराना हो, लेकिन उन्हें लगता है कि पाकिस्तान की सोच आज भी वही है।
ईरानी विमानों को लेकर भी जताई चिंता
अमेरिकी सीनेटर ने यह भी कहा कि ऐसी बातें सामने आई हैं कि ईरान के सैन्य विमान पाकिस्तान के एयरबेस पर रखे गए थे। उन्होंने पाकिस्तान के बड़े नेताओं की ओर से पहले दिए गए इजरायल विरोधी बयानों को भी चिंताजनक बताया। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में इन दावों के समर्थन में कोई अतिरिक्त जानकारी या सबूत सार्वजनिक नहीं किया।
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