उत्तर प्रदेश में जेठ की तपती दोपहर और लू (Loo) के बजाय लोग बारिश और ठंडी हवाओं का आनंद ले रहे हैं। शनिवार (9 मई) को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने जो पलटी मारी उसने वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। सुबह जहां लोग उमस और तेज धूप से बेहाल थे वहीं शाम होते-होते आसमान में काली घटाएं छा गईं और झमाझम बारिश ने पूरे प्रदेश को सराबोर कर दिया।
वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित कानपुर, अयोध्या और आसपास के इलाकों में शनिवार दोपहर के बाद अचानक मौसम बदला। सुबह की उमस के बाद 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। कई जिलों में देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होती रही जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गया है।
जानें क्यों हो रहा है बेमौसम बदलाव?
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इस बदलाव के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। पहाड़ों पर सक्रिय विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में दिख रहा है। वहीं खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र नमी वाली हवाएं उत्तर भारत की ओर भेज रहा है। लगातार चल रही पुरवा हवाओं ने वातावरण में उमस बढ़ाई जिसके बाद बादलों का निर्माण हुआ।
15 मई तक ओले गिरने की भी आशंका
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राहत का यह सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है। अगले दो-तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी। लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव और आसपास के जिलों में भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी दी गई है। विभाग का अनुमान है कि हवा की गति 60 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
वहीं प्रशासन और मौसम वैज्ञानिकों ने जनता के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की है। खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और मोबाइल टावरों से दूर रहें। कटी हुई फसल को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। फिलहाल भीषण गर्मी (Heatwave) की वापसी की उम्मीद नहीं है जिससे आम जनता को राहत मिलती रहेगी।
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